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आज का पंचांग, शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025 : आज के पंचांग में जानिए आज का श्रेष्ठ चौघड़िया, तिथि, दिशा शूल, राहु काल वेला, नक्षत्र, योग, करण, व्रत / दिवस विशेष, चन्द्रमा, ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन। आइए, पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद् से जानते हैं आज का पंचांग।

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भारत

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Kamlesh Kholiya

Oct 03, 2025

🌟(आज का पंचांग – शुक्रवार, 3 अक्टूबर, 2025)🌟

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 10 रवि उलसानी
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – आश्विन
पक्ष – शुक्ल

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 10:48 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 12:16 से 1:44 तक रहेगा। चर का चौघड़िया 4:40 से सूर्यास्त तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – एकादशी तिथि सायं 6:34 तक रहेगा तदुपरान्त द्वादशी तिथि होगी।

दिशा शूल – आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 10:30 से 12:00 तक रहेगा।

नक्षत्र – श्रवण नक्षत्र दिन 9:34 तक रहेगा तदुपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र होगा।
योग – धृति योग रात्रि 9:46 तक रहेगा तदुपरान्त शूल योग रहेगा।
करण – वणिज करण प्रातः 6:52 तक तदुपरान्त विष्टि करण रहेगा।

विशिष्ट योग – सर्वार्थसिद्धि व कुमार योग सूयोंदय से दिन 9:34 तक, रवियोग दिन 9:34 तक, राजयोग सायं 6:34 से सूर्योंदय तक,

व्रत / दिवस विशेष – भद्रा प्रातः 6:52 से सायं 6:34 तक, पापांकुशा एकादशी व्रत, भरत मिलाप, पंचक प्रारंभ रात्रि 9:28 से प्रारम्भ,

चन्द्रमा – आज रात्रि 9:28 तक मकर राशि में होगा तदुपरान्त कुम्भ राशि में प्रवेश होगा।

ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – शनि वक्री पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में रात्रि 11:42 पर,

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 9:28 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मकर होगी तदुपरान्त कुम्भ राशि होगी। आज दिन 9:34 तक श्रवण नक्षत्र होगा तदुपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर खो, ग, गी, गु, गे पर रखे जा सकते हैं।

मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं। ये राशि शांत स्वभाव की धैर्यवान व सहनशील होती हैं। परंतु ये लोभी भी होते हैं। इनका व्यवहार गहन विचार करने वाला व क्षमाशील होता हैं। ये लोग अच्छे व्यापारी होते हैं। ये चर राशि होने के कारण एक स्थान पर एक जगह टिक कर कार्य नहीं कर पाते। ऐसे जातक गंभीर, भावुक, संवेदनशील, उच्चाभिलाषी, सेवाधर्मी, मननशील एवं धार्मिक प्रवृत्ति वाले होते हैं।

✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्