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आज का पंचांग, बुधवार, 3 सितम्बर, 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

बुधवार, 3 सितम्बर, 2025, : आज के पंचांग में जानिए आज का श्रेष्ठ चौघड़िया, तिथि, दिशा शूल, राहु काल वेला, नक्षत्र, योग, करण, व्रत / दिवस विशेष, चन्द्रमा, ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन। आइए, पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद् से जानते हैं आज का पंचांग।

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भारत

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Kamlesh Kholiya

Sep 03, 2025

(आज का पंचांग – बुधवार, 3 सितम्बर, 2025)

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 10 रवि उल अव्वल
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – भाद्रपद
पक्ष – शुक्ल

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 9:18 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 10:52 से 12:26 तक रहेगा। चर, लाभ के चौघड़िये क्रमशः 3:34 से सूर्यास्त तक रहेंगे। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – एकादशी तिथि प्रातः 4:22 तक होगी तदुपरान्त द्वादशी तिथि होगी।

दिशा शूल – आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 12:00 से 1:30 तक

नक्षत्र – पूर्वाषाढा़ नक्षत्र रात्रि 11:08 तक रहेगा तदुपरान्त उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होगा।
योग – आयुष्मान योग दिन 4:17 तक रहेगा तदुपरान्त सौभाग्य योग रहेगा।
करण – वणिज करण दिन 4:07 तक तदुपरान्त विष्टि करण रहेगा।

विशिष्ट योग – रवियोग रात्रि 11:08 तक

व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 4:07 से प्रातः 4:22 तक, पद्मा एकादशी व्रत, जलझूलनी व परिवर्तिनी एकादशी, डोल (जल विहार) ग्यारस पर्व, मेला चार भुजानाथ राजसमंद (राज.),

चन्द्रमा – आज प्रातः 5:21 तक धनु राशि में होगा तदुपरान्त मकर राशि में प्रवेश होगा।

ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – मंगल चित्रा नक्षत्र में प्रवेश सायं 5:53 पर, शुक्र अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश रात्रि 11:52 पर

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज प्रातः 5:21 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि धनु होगी तदुपरान्त मकर राशि होगी। आज रात्रि 1:08 तक तक पूर्वाषाढा़ नक्षत्र होगा तदुपरान्त उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर धा, फा, ढा, भे, भो पर रखे जा सकते हैं।

धनु राशि के स्वामी बृहस्पति होने से व्यक्ति ज्ञानी व समझदार होता हैं परंतु गुस्सा जल्दी करते हैं। इनमें विवेक, शक्ति और पराक्रम होता हैं। सौम्य शांत, सरल स्वभाव, धार्मिक प्रकृति, उदार हृदय, परोपकारी, संवेदनशील, करुणा, दया आदि भावनाओं से युक्त होते हैं। ऐसे लोग अध्यापक, धर्म-प्रचारक, वकील और पुस्तक का व्यवसाय करने वाले होते हैं। ये दूर की सोच सोचते हैं और भलाई करने में हमेशा तैयार रहते हैं।

पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्