(आज का पंचांग – रविवार, 31 अगस्त, 2025)
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 7 रवि उल अव्वल
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – भाद्रपद
पक्ष – शुक्ल
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज दिन में चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 7:44 से 12:27 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 2:02 से 3:36 तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – अष्ठमी तिथि रात्रि 12:58 तक होगी तदुपरान्त नवमी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 4:30 से 6:00 तक
नक्षत्र – अनुराधा नक्षत्र सायं 5:27 तक रहेगा तदुपरान्त ज्येष्ठा नक्षत्र होगा।
योग – वैधृति योग दिन 3:59 तक रहेगा तदुपरान्त विष्कुम्भ योग रहेगा।
करण – विष्टि करण दिन 11:52 तक तदुपरान्त बव करण रहेगा।
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 11:52 तक, दुर्गाष्टमी, राधाष्टमी, श्री दधीचि जयंती, महालक्ष्मी व्रत प्रारंभ, वैधृति पुण्यं, मेला भतृहरि 3 दिन का प्रारभ अलवर (राज.), गडमूल प्रारंभ सायं 5-27 से,
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि वृश्चिक राशि में होगा।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि वृश्चिक होगी। आज सायं 5:27 तक तक अनुराधा नक्षत्र होगा तदुपरान्त ज्येष्ठा नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर नू, ने, नो, या पर रखे जा सकते हैं।
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता हैं। ऐसे जातक स्थिर प्रवृति के होते हैं। ये जिद्दी, उत्साही, स्पष्टवादी, परिश्रमी, ईमानदार, समझदार, ज्ञानी, साहसी, दृढ़संकल्प, शीघ्र उत्तेजित हो जाने वाले व अपनी मेंहनत से कार्य करने वाले होते हैं। ऐसे जातक जिस कार्य को करने का निश्चय कर लेते हैं उसे दृढ़तापूर्वक पालन करने का प्रयास भी करते हैं।
पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्