🌟(आज का पंचांग – गुरुवार, 8 जनवरी, 2026)🌟
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 18 रज्जब
अयन – उत्तरायण
ऋतु – शिशिर ऋतु
मास – माघ
पक्ष – कृष्ण
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज शुभ का चौघड़िया सूर्योदय से 8:39 तक रहेगा। चर का चौघड़िया 11:15 से 12:33 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 12:33 से 3:09 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 4:27 से सूर्यास्त तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – षष्ठी तिथि सायं 7:06 तक होगी तदुपरान्त सप्तमी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 1:30 से 3:00 तक रहेगा।
नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र दिन 12:24 तक होगा तदुपरान्त उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र होगा।
योग – सौभाग्य योग सायं 5:26 तक रहेगा तदुपरान्त शोभन योग रहेगा।
करण – गर करण सायं 6:50 तक रहेगा तदुपरान्त वणिज करण रहेगा।
विशिष्ट योग – रवियोग दिन 12:24 से
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा अगले दिन सूर्योदय पूर्व 7:06 से प्रारम्भ
चन्द्रमा – आज सायं 6:39 तक सिंह राशि में होगा तदुपरान्त कन्या राशि में प्रवेश होगा।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज सायं 6:39 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि सिंह होगी तदुपरान्त कन्या राशि होगी। आज दिन 12:24 तक जन्म लेने वाले बच्चों का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र होगा तदुपरान्त उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर टू , टे, टो, प, पी पर रखे जा सकते हैं।
सिंह राशि के स्वामी सूर्य है। इस राशि के बच्चे निडर, साहसी, दयालु, ऐश्वर्यशाली, शत्रुहन्ता होते हैं। ये अग्नि तत्व की राशि हैं, ये पराक्रमी व बुद्धिमान, उधमी, कर्मठ, निड़र, स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं और बड़े काम से घबराते नहीं हैं। इनमें नैसर्गिक नेतृत्त्व क्षमता होती है। इस राशि में जन्म लेने वाला जातक सुंदर-पुष्ट शरीर वाला, चौड़ा मस्तक, सुगठित, आकर्षक एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व वाला होता हैं। जातक बुद्धिमान, शीघ्र उत्तेजित हो जाने की प्रकृति होने पर भी अपने बुद्धि-चातुर्य से स्थिति को संभाल लेने वाला होता हैं।
कन्या राशि का स्वामी बुध होता हैं। ये लोग अकाउंटेंट, बैंकिंग, ट्रेडिंग, अध्यापन और ज्योतिष का काम करना पसंद करते हैं और अच्छे लेखक भी होते हैं। इनकी वाणी व वाक् शक्ति में कुशलता होती हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं। संगीत, कला-साहित्य, प्रियभाषी, अध्यापन, लेखन, क्रय-विक्रय में कुशल होते हैं।
✍️ पं. मुकेश भारद्वाज
📍 ज्योतिर्विद् एवं वास्तुविद्