(आज का पंचांग – मंगलवार, 5 अगस्त, 2025)
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 10 सफ़र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा ऋतु
मास – श्रावण
पक्ष – शुक्ल
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9:15 से 2:12 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 3:51 से 5:29 तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – एकादशी तिथि दिन 1:13 तक होगी तदुपरान्त द्वादशी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 3:00 से 4:30 तक
नक्षत्र – ज्येष्ठा नक्षत्र दिन 11:23 तक होगा तदुपरान्त मूल नक्षत्र होगा।
योग – ऐन्द्र योग प्रातः 7:24 तक रहेगा तदुपरान्त वैधृति योग रहेगा।
करण – विष्टि करण दिन 1:13 तक तदुपरान्त बव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – रवियोग सूर्योदय से दिन 11:23 तक, कुमारयोग दिन 11:23 से दिन 1:13 तक
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा सूर्योदय से दिन 1:13 तक, पवित्रा एकादशी व्रत, मंगला गौरी पूजा, झूलन यात्रा प्रारम्भ (पूर्वाह्न में), गंडमूल संपूर्ण दिनरात्रि,
चन्द्रमा – आज दिन 11:23 तक वृश्चिक राशि में होगा तदुपरान्त धनु राशि में प्रवेश होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज दिन 11:23 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि वृश्चिक होगी तदुपरान्त धनु राशि होगी । आज दिन 11:23 तक ज्येष्ठा नक्षत्र होगा तदुपरान्त मूल नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर यू, ये, यो, भ पर रखे जा सकते हैं।
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता हैं। ऐसे जातक स्थिर प्रवृति के होते हैं। ये जिद्दी, उत्साही, स्पष्टवादी, परिश्रमी, ईमानदार, समझदार, ज्ञानी, साहसी, दृढ़संकल्प, शीघ्र उत्तेजित हो जाने वाले व अपनी मेंहनत से कार्य करने वाले होते हैं। ऐसे जातक जिस कार्य को करने का निश्चय कर लेते हैं उसे दृढ़तापूर्वक पालन करने का प्रयास भी करते हैं।
पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्