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बड़वानी

VIDEO…भौंगर्या हाट बाजारों में गूंजी कुर्राटियां, शनिवार को भवती गांव में रहेगी धूम

ढोल मांदल पर जमकर थिरके आदिवासी, सुरक्षा के मद्देनजर तैनात रही पुलिस, भौंगर्या हाट बाजारों में गूंजी कुर्राटियां

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बड़वानी। आदिवासी समाज का प्रमुख भोंगर्या हाट बाजार की शुरूआत मंगलावार से हुई। इस दौरान पहले दिन मंगलवार को बालकुंआ, रोसर, पलसूद, नागलवाड़ी, मंडवाड़ा, चाचरिया, बाबदड़, बिजासन में भौंगर्या हाट लगे। बिजासन गांव में हजारों लोग ढोल-मांदल की थाप पर जमकर थिरके। बड़वानी विधानसभा के ग्राम बिजासन में लगे भौंगर्या में ग्रामीण परंपरागत वेशभूषा पहुंचे। पहाडिय़ों से घिरे गांव में युवतियां चांदी के आभूषण पहले सजधज कर, तो युवा कुर्ता-गमछा व चश्मा लगाकर टोलियों में नृत्य करते दिखे।
उत्साह-उमंग के साथ झूमे और मिष्ठान, कोल्ड्रिंग्स, सेव, हार कंगन, आलू की मिठाई, गुड़-शकर की जलेबी, भजिए-मिर्च सहित अन्य सामग्रियों का खूब लुत्फ उठाया। हाट बाजार में सुरक्षा के मद्देनजर बड़वानी कोतवाली का पुलिस बल मुस्तैद रहा। इसी तरह ग्राम बालकुंआ, रोसर, पलसुद नागलवाड़ी, मंडवाड़ा, चाचरिया, बाबदड़ में भोंगर्या की धूम नजर आई। बुधवार को सिलावद, बालसमुद, घटया, धवली, धनोरा, सेमलेट में भोंगर्या हाट लगेंगे। शनिवार को जिला मुख्यालय के समीप भवती गांव में भौंगर्या पर्व की धूम रहेगी।

यहां भी उड़ा गुलाल, भोंगर्या हाट की हुई शुरुआत
नागलवाड़ी. गांव में आदिवासियों द्वारा परंपरागत रूप से वर्षों से मनाए जा रहे भोंगर्या हाट (मेला) की धूम मंगलवार को देखने को मिली। ढोल मांदल और बांसुरी की मधुर धुन पर नृत्य करते व कुर्राट भरते आदिवासी समाजजन व पारंपरिक वेशभूषा में युवक नजर आए। इसमें गांव सहित आसपास के 20 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीण महिला, पुरुष और बच्चे भौंगर्या देखने पहुंचे। भौंगर्या में 3 सौ से अधिक दुकानें लगी थी। आसपास के गांवों से आए हजारों लोगों ने भौंगर्या में होली की खरीदी की। भौंगर्या हाट में 12 बजे बाद से लोगों की भीड़ बढऩा शुरू हुई। भौंगर्या हाट की भव्यता को देखते हुए सुरक्षा व कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के तगड़े प्रबंध किए। जगह-जगह पुलिस जवान तैनात नजर आए। इससे कोई हुड़दंग भी नहीं मचा पाया। बालकुआं गांव में भौंगर्या पर्व की धूम रही। आदिवासी स्कूली की बालिकाएं अपनी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आई। वैसे तो बड़वानी पुलिस प्रशासन भी चप्पे-चप्पे पर मौजूद थे। वहीं मुख्य मार्ग पर बेरिगेट्स लगाए गए, ताकि वाहनों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न ना हो। यहां पर तीन ढोल आए थे। सालीकला गांव में भौंगर्या पर्व उत्साह से मनाया गया। एबी रोड किनारे बसे साली कला में हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग तीन से चार मांदल लेकर नाचते गाते व कराटे भरते हुए दिखे। इस वर्ष पहला भौंगर्या होने से पिछले वर्ष से ज्यादा दुकानें लगी थी, लेकिन भौंगर्या हाट फीका रहा।