27 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बगरू
टक्कर के बाद विमान ईंधन के टैंकर में रिसाव, तेल लूट की मची होड़
Play video

टक्कर के बाद विमान ईंधन के टैंकर में रिसाव, तेल लूट की मची होड़

पेट्रोल समझकर बोतल व बाल्टियों में भर ले गए, पुलिस ने खदेड़ा. टैंकर को सुनसान में ले जाकर खाली कराया लाखों का तेल
Google source verification

बगरू

image

Kashyap Avasthi

Aug 21, 2024

जयपुर . जयपुर दिल्ली राजमार्ग पर कोटपूतली में सर्विसलेन पर राजकीय एलबीएस महाविद्यालय के सामने बुधवार सुबह एविएशन टरबाइन फ्यूल (विमान ईंधन) से भरे टैंकर को दूसरे वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे टैंकर के पिछले हिस्से से तेल का रिसाव शुरू हो गया। इस तेल का विमान में ईंधन के रूप में उपयोग होता है। हादसे के बाद आसपास के लोग व दुकानदार इसे पेट्रोल समझकर भरने पहुंच गए, जिन्हें पुलिस ने खदेड़ा।
जानकारी के अनुसार एटीएफ से भरा टैंकर बल्लभगढ़ से फलौदी जा रहा था। कोटपूतली पहुुंचने पर दिल्ली जयपुर लेन के एलिवेटेड पुल पर जाम लगा था। टैंकर का चालक पुल पर जाम देखकर टैंकर सर्विसलेन से जयपुर की तरफ ले जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे किसी वाहन ने टैंकर को टक्कर मार दी, जिससे टैंकर में छेद हो गया। हादसे के बाद फ्यूल का रिसाव हो गया और लोग इसे पेट्रोल समझकर बाल्टी, बोतल व डिब्बों में भर कर घर ले जाने लगे।
सुनसान इलाके में करवाया खाली
सुचना पर पुलिस व दमकल ने मौके पर पहुंचकर लोेगों को खदेड़ा और टैंकर के आसपास पानी का छिड़काव करवाया। पुलिस बाद में टैंकर को आबादी से दूर सुनसान इलाके में डाबला रोड पर ले जाया गया। जहां टैंकर के रिसाव वाले हिस्से को खाली करवा करवाया। टैंकर में तीन पार्ट होते हैं। इसके एक पार्टी के खाली होने पर रिसाव बंद हो गया।
4 हजार लीटर फ्यूल बहाया
टैंकर के 5 हिस्सों में 25 हजार लीटर तेल भरा था। एक हिस्से में 5 हजार लीटर फ्यूल था। ऐसे में टैंकर के एक हिस्से से 4 हजार लीटर तेल खाली करवाया गया। एक हजार लीटर टैंकर के निचले हिस्से में रहने से खाली नहीं हो सका। 25 हजार लीटर तेल की कीमत 19 लाख 8 हजार 897 रुपए है। केरोसिन को शोधित करके पेट्रोल व एटीएफ तैयार किया जाता है। विमान ईंधन पेट्रोल की तुलना में सस्ता होता है। इसके कारण अलग अलग राज्यों में इसकी अलग अलग कीमत है। टैंकर में भरे एटीएफ की कीमत करीब 80 रुपए प्रति लीटर थी। ऐसे में करीब सवा तीन लाख रुपए का नुकसान हो गया।