
जयपुर. सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के आरक्षण में उपवर्गीकरण के निर्णय के विरोध में बुधवार को अनुसूचित जाति व जनजाति संगठनों द्वारा घोषित राष्ट्रव्यापी भारत बंद का शाहपुरा में मिलाजुला असर रहा। शांतिपूर्वक रैली सम्पन्न होने पर पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। दिनभर रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। शाम 4 बजे बाद रोडवेज विभाग ने बसों का संचालन शुरू किया।
जानकारी के अनुसार सुबह 10 बजे से शहर के चौपड़ बाजार से विरोध स्वरूप रैली निकाली। रैली के दौरान अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने बाजार में व्यापारियों से आग्रह कर दुकानें बंद कराई। व्यापारियों ने भी आंशिक तौर पर दुकानें बंद कर ली। कई जगह दुकानदारों से दुकान बंद करवाने को लेकर हल्की नोकझोंक भी हुई। लोग हाथों में झंडे लेकर जय भीम के नारे लगाते हुए चल रहे थे। रैली मुख्य बस स्टैंड से होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंची, जहां एसडीएम अशोक कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि आरक्षण में उप वर्गीकरण व क्रीमिलेयर के प्रावधान की भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। भारत बंद में विधायक मनीष यादव, जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों का समर्थन रहा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी रामलाल मीणा के नेतृत्व में भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
निजी वाहनों में सफर करना पड़ा
शाहपुरा डिपो में खड़ी रही बसेंभारत बंद के चलते रोडवेज प्रशासन ने भी बसों का संचालन बंद रखा। जिससे यात्रियों को निजी वाहनों में सफर करना पड़ा। बसों का संचालन नहीं होने से अनेक यात्री बस स्टैंड पर आकर वापस घरों को लौट गए। बसों का संचालन नहीं होने से जयपुर तिराहे पर भी यात्रियों की भीड़ रही। शाहपुरा डिपो से शाम 4 बजे से रोडवेज बसों का संचालन शुरू हुआ।