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गठवाड़ी. राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से गठित रामगढ़ बांध मॉनिटरिंग कमेटी लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी कैचमेंट एरिये के दौरे पर रही। कमेटी सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेन्द्र डांगी ने दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक जमवारामगढ़ व विराटनगर उपखण्ड क्षेत्र में रामगढ़ बांध को भरने वाली मुख्य बाण गंगा नदी व उसके सहायक नदी नालों का जायजा लिया। इससे पहले कमेटी सदस्य ने उपखण्ड मुख्यालय पर एसडीएम ललित मीणा से विचार विमर्श किया। इसके बाद दोपहर 12.54 बजे साउं सीरा गांव में रोड़ा नदी के उद्गम स्थल का निरीक्षण किया। यहां बांध की मनरेगा के तहत ऊंचाई बढ़ाने पर नाराजगी जताई। जमवारामगढ़ कस्बे के पास स्थित रोड़ा नदी पुलिया पहुंच अधिकारियों के साथ बहाव क्षेत्र का निरीक्षण कर मिट्टी सही करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान डूब क्षेत्र में बने पक्के बाउंड्रीवाल को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। जिस पर अधिकारियों ने 2018-2019 में भूमि का रेफरेंस बना कर भिजवाने की बात कही। इस दौरान मेघराजसिंह पुरा गांव के बाशिन्दों ने कमेटी सदस्य डांगी को शिकायत पत्र देते हुए बताया कि किसी रसूखदार ने बहाव क्षेत्र को मिट्टी डालकर प्रभावित कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यहां अधिकारी रसूखदारों से मिलकर बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण करवा रहे हैं। वहीं गरीब तबके के लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर वाहवाही लूटते हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद कमेटी सदस्य ने मौके पर मौजूद एसडीएम ललित कुमार मीणा व तहसीलदार दिनेश मीणा को मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने व बहाव क्षेत्र में रोड़ा बनी भूमि का रेफरेंस बनाने के निर्देश दिए। मौके पर सिंचाई विभाग के एक्सईएन अनिल थालोर, एईएन रवि कुमार खोलिया, जेईएन महेश मीणा, रामवतार गुर्जर, सानिवि एईएन आरपी मीणा, जेडीए गिरदावर कमलेश कुमार, जमवारामगढ़ थाना प्रभारी हरदयाल मीणा, आंधी थाना प्रभारी जयप्रकाश मील, रायसर थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह शेखावत, अचरोल रेंजर गौरव राठी, कोटपुतली एसीएफ सुशील यादव, विराटनगर रेंजर श्रुति सिंह, नायब तहसीलदार हुकुमचंद मीणा, पटवारी दीनदयाल मीणा सहित प्रदूषण नियंत्रण मंडल व सम्बंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
टोडामीणा में रुकवाया रिसोर्ट निर्माण कार्य
टोडामीणा में पहाड़ों के बीच चल रहे रिसोर्ट निर्माण का निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर पहाड़ों से आने वाले पानी का बहाव क्षेत्र प्रभावित मिला। रिसोर्ट निर्माण कार्य में पानी निकास के लिए ऊंचे नाले लगाने व रिसोर्ट के बीच गड्ढा खोदकर पानी रोकने पर नाराजगी जताते हुए तहसीलदार को निर्माण कार्य रुकवाने के निर्देश दिए।