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Cuavery water dispute कावेरी जल विवाद: कर्नाटक को मिली राहत या बढ़ी मुश्किले ? जानें क्या मिले हैं आदेश

Cuavery water dispute कावेरी जल विवाद को लेकर भाजपा ने किया विरोध BJP protested regarding Cauvery water dispute

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Cauvery water dispute बेंगलूरु: कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल बंटवारा विवाद (Cauvery water dispute) को लेकर विरोध बढ़ रहा है। कर्नाटक के किसान तमिलनाडु को कावेरी का पानी (Cauvery water) छोड़ने का विरोध कर रहे हैं। वहीं एक बार फिर कावेरी जल नियामक समिति ने कर्नाटक को 28 सितंबर से 15 अक्टूबर तक तमिलनाडु को 3,000 क्यूसेक पानी (Cauvery water) छोड़ने के निर्देश दिए हैं। कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस फैसले का स्वागत किया। हालांकि सीएम सिद्धरामय्या का कहना है कि राज्य सरकार फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।
विपक्षी पार्टी भाजपा और जद एस ने इस फैसले को सरकार की लापरवाही का परिणाम बताया। भाजपा नेताओं ने इसके खिलाफ राज्य सरकार का विरोध किया। पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा ने 27 सितंबर को बेंगलुरु में गांधी प्रतिमा के पास धरना दिया। बीएस येदियुरप्पा ने कहा “हमारे सीएम सिद्धरामय्या और डिप्टी सीएम शिवकुमार को वास्तविक तथ्यों का एहसास होना चाहिए। हमारे लगभग सभी जलाशयों में बिल्कुल भी पानी नहीं है और यह पर्याप्त नहीं है। यहां तक कि पीने के लिए भी पानी नहीं है। उन्हें तमिलनाडु के एजेंटों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। प्रधानमंत्री भी इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते, मामला सुप्रीम कोर्ट में है।
बेंगलुरू दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए छोड़ा जा रहा कावेरी का पानी (Cauvery water) रोकना चाहिए। “कर्नाटक सरकार कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) को उचित विवरण देने में पूरी तरह से विफल रही है। केंद्र सरकार की ओर उंगली दिखाने से काम नहीं चलने वाला है। केंद्रीय आधिकारिक काम हो चुका है। अब यह अधिकारियों के हाथ में है।
बीजेपी विधायक बीवाई विजयेंद्र येदियुरप्पा ने कहा “वर्तमान कांग्रेस सरकार ने कावेरी जल विवाद (Cauvery water dispute) को गंभीरता से नहीं लिया है। किसान सचमुच सड़कों पर हैं और दिन-ब-दिन कावेरी का पानी (Cauvery water) तमिलनाडु की ओर बह रहा है। राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह से विफल रही है।” इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि यह मौजूदा कांग्रेस सरकार की विफलता है।”

बीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि राज्य सरकार कावेरी जल विवाद (Cauvery water dispute) से निपटने में सक्षम है। परमेश्वर ने कहा “एक सरकार के रूप में हमारी कुछ जिम्मेदारियां हैं, उन्हें कावेरी जल विवाद (Cauvery water dispute) पर अपनी राजनीति करने दें। सरकार हमारे किसानों का ख्याल रखेगी। सीडब्ल्यूआरसी ने कर्नाटक को 28 सितंबर से 15 अक्टूबर, 2023 तक बिलीगुंडलू में 3000 क्यूसेक कावेरी का पानी (Cauvery water) छोड़ना सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। छोड़े जाने वाले कावेरी के पानी (Cauvery water) की मात्रा पहले 5000 क्यूसेक थी। BJP protested regarding Cauvery water dispute