गदग। तेरापंथ सभा भवन में अखिल भारतीय तेरापंथ निर्देशानुसार वृहद अभिनव सामयिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जप, ध्यान स्वाध्याय आदि के माध्यम से अभिनव सामयिक की शुरुआत उपासिका विमला कोठारी द्वारा की गई। लक्ष्य गीत का संगान तेयूप मंत्री जितेंद्र संकलेचा एवं कार्यकर्ता सुरेश कोठारी द्वारा किया गया।
अंतर्गत ,”चैत्य पुरुष जग जाए गीत सामूहिक रूप से गाया। विमला कोठारी ने सामायिक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामायिक करने से ना सिर्फ अगला भव सुधरता है इस भव में भी प्रसन्नता एवं शांति का जीवन मिलता है।सामामयिक में हम समता की साधना करते हैं इससे हममे समता के भाव रहते हैं और समता से हमारा किसी से कोई वैर विरोध ना तो बढ़ता है, और नाही उतपन्न होता है, जिससे परिवार में तथा हर क्षेत्र में शांति सफलता प्राप्त होती है। बस ,हमें सामायिक पूर्ण श्रद्धा एवं शुद्ध भावों से करनी जरूरी है।अनेक उदाहरणों एवं संस्मरणों से उन्होंने सामयिक के महत्त्व को उजागर किया। जीतेंद्र संकलेचा ने विमला कोठारी एवं समस्त समाज का आभार व्यक्त किया।