बांसवाड़ा. आदिवासी आरक्षण मंच की ओर से तीन सूत्री मांगों को लेकर निंबाहेड़ा-दाहोद राष्ट्रीय राजमार्ग 56 पर जिले के सज्जनगढ़ क्षेत्र में महापड़ाव डालने के ऐलान के बाद शुक्रवार को प्रशासन व पुलिस ने सख्ती बरती। धारा 144 लागू करने और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करने के बाद महापड़ाव को नाकाम कर दिया। दोपहर तक जिले में हालात सामान्य रहे। वाहनों की राजमार्ग पर आवाजाही रही।
जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण, अनुसूचित क्षेत्र में साढ़े 6 प्रतिशत पृथक से आरक्षण और राजकीय सेवा की भर्तियों में न्यूनतम उत्तीर्णांक की बाध्यता समाप्त करने को लेकर आदिवासी आरक्षण मंच ने 25 अगस्त को राष्ट्रीय राजमार्ग 56 पर महापड़ाव एवं चक्का जाम की घोषणा की थी। शुक्रवार को महापड़ाव का ऐलान करने के बाद से ही पुलिस और प्रशासन ने सख्त रूख अख्तियार कर लिया था।जिला मजिस्ट्रेट प्रकाशचंद्र शर्मा की ओर से जिले में धारा 144 लागू कर दी गई। पुलिस प्रशासन ने मंच से जुड़े पदाधिकारी और समर्थकों की तलाश कर उन्हें पाबंद करना शुरू कर दिया था। गुरुवार को मंच की केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य कमलकांत कटारा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, वहीं 173 लोगों को पकड़ कर कर निरोधात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया था।
यह दिखे हालात
शुक्रवार सुबह से राष्ट्रीय राजमार्ग 56 पर अन्य दिनों की तरह सामान्य आवाजाही बनी रही। शहरी सीमा के बाद से जगह-जगह पर पुलिस बल तैनात है। कुछ हथियारबंद पुलिसकर्मी भी तैनात किए हैं। मुख्य मार्ग पर चेकपोस्ट लगाए गए और पुलिस बल तैनात किया गया। कुछ जगह सन्नाटा पसरा हुआ भी दिखा। दोपहर बाद बड़ोदिया के समीप भोयन घाटी पर मंच समर्थक पहाड़ी पर चढ़ गए, जिन्हें समझाइश कर उतारा गया। इस दौरान समर्थकाें ने सलाहकार की गिरफ्तारी पर रोष जताया।