बांसवाड़ा. जिले के आनंदपुरी क्षेत्र में दो साल पहले हुए एक सडक़ हादसे के केस में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मिलीभगत कर पुलिस रेकॉर्ड में एक वाहन बदलते हुए लाखों का क्लेम हांसिल के प्रयास पर मोटर यान दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी कोर्ट) ने दावे खारिज कर संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को लिखा है।
प्रकरण में महुवाल कड़दा निवासी पवन पुत्र शंकर भगोरा और डोकर निवासी फूलचंद पुत्र मगु डामोर ने टेम्पो के चालक पिलानी हाल मडक़ोला मकन निवासी संदीपकुमार पुत्र बुद्धराम पारीक और टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ 8.5-8.5 लाख रुपए क्लेम किए थे। सुनवाई के दौरान इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से सोलह दिन देरी से दुर्घटना की एफआईआर दर्ज कराने पर सवाल उठाते हुए बताया गया कि वाहन चालक और मालिक से सांठगांठ कर क्लेम उठाने के लिए यह खेल किया गया।
कंपनी ने टेम्पो का हादसे के दिन परमिट और फिटनेस प्रमाण और चालक संदीप के पास लाइसेंस नहीं होने के अलावा खुद क्लेम करने वाले पवन के पास खुद मोटरसाइकिल चलाने का लाइसेंस नहीं होने के बावजूद बदनियती से दावा करना बताया। सुनवाई के दौरान इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से सोलह दिन देरी से दुर्घटना की एफआईआर दर्ज कराने पर सवाल उठाते हुए बताया गया कि वाहन चालक और मालिक से सांठगांठ कर क्लेम उठाने के लिए यह खेल किया गया। इस पर मौजूदा साक्ष्यों के आधार पर अधिकरण में डीजे कैडर के पीठासीन अधिकारी अजय जैन ने दोनों कथित आहत युवाओं के क्लेम खारिज कर दिए। साथ ही पुलिस अधीक्षक बांसवाड़ा को निर्णय की प्रति भेजते हुए एफआईआर की जांच के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई कर एक माह में अधिकरण को जानकारी भेजने का आदेश दिया।