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Banswara Murder : बीएपी नेता के भाई के मर्डर में आया नया मोड़, प्रकाश ने खोले कई राज

Banswara Murder : बांसवाड़ा के खमेरा थाना क्षेत्र के काली मगरी गांव में बीएपी नेता अशोक निनामा के भाई अनिल निनामा के मर्डर मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस पूछताछ में प्रकाश ने कई राज खोले।

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Banswara BAP leader Ashok Ninama brother Anil murder new twist Prakash reveals many secrets

बीएपी नेता का भाई मृतक अनिल निनामा। फोटो पत्रिका

Banswara Murder : बांसवाड़ा के खमेरा थाना क्षेत्र के काली मगरी गांव में बीएपी नेता के भाई अनिल निनामा के मर्डर मामले में नया मोड़ आया है। परिजनों और बीएपी नेताओं की ओर से मुख्य आरोपी बताए जा रहे प्रकाश को पुलिस ने शुक्रवार को डिटेन कर पूछताछ की, जिसमें उसने कई राज़ खोले। जांच में उसकी प्रत्यक्ष संलिप्तता के ठोस साक्ष्य नहीं मिले। कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन से स्पष्ट हुआ कि वारदात के वक्त प्रकाश आखेपुर गांव में था और मोबाइल बंद कर सो रहा था। मुनेश नामक व्यक्ति के जगाने के बाद उसे वारदात का पता चला और वह घटनास्थल पहुंचा। हालांकि परिजन-ग्रामीणों का धरना 72 घंटे बाद भी जारी रहा।

पुलिस जांच व पूछताछ में सामने आया कि अनिल के कथित प्रेम-प्रसंग की जानकारी सिद्धार्थ को होली पर ही पता लग गया था। सिद्धार्थ ने अनिल के भाई एवं बीएपी नेता अशोक को बताया। सिद्धार्थ ने अपने जीजा प्रकाश और बहन लता को भी अवगत करवाया। अनिल को परिवार से दूर रहने को कहा, लेकिन वह नहीं माना।

घटना के दिन अनिल ने महिला से पहले एसएमएस से चैट की और फिर कॉल पर बात की। अनिल महिला के घर पहुंचा और उसे गांव से दूर ले गया। सिद्धार्थ ने अपने साथी गणेश को लेकर पीछा किया और अनिल को पकड़कर लाठी-डंडों से पीटा, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया।

प्रकाश ने मौके पर पहुंचकर अशोक को पूरी बात बताई

सिद्धार्थ ने अपने जीजा प्रकाश को फोन किया, लेकिन फोन बंद आ रहा था। प्रकाश अपनी पत्नी के साथ अपने दूसरे घर आखेपुर में था। सिद्धार्थ के कहने पर बहन लता ने भी कॉल किया तो प्रकाश का फोन बंद था। लता ने प्रकाश के दोस्त मुनेश को फोन किया। तब उसने ही जगाकर प्रकाश की बात पत्नी और साले से करवाई। प्रकाश ने मौके पर पहुंचकर अशोक को पूरी बात बताई। पुलिस ने कॉल डिटेल और मोबाइल टॉवर की लोकेशन और मुनेश के बयानों के आधार पर मामला स्पष्ट किया।

अशोक और प्रकाश में थी मित्रता

प्रकाश और अशोक की पत्नी सरपंच हैं और परिवार से भी दो व्यक्ति और सरपंच हैं। प्रकाश का आसपास अच्छा राजनीतिक प्रभाव है। मृतक अनिल के भाई अशोक के बीएपी के टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ने से पहले प्रकाश से उसकी अच्छी मित्रता थी। प्रकाश ने टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस ज्वॉइन की और विधायकी के चुनाव में अशोक की हार हुई तो दोनों में मतभेद बढ़ गए। यहीं से राजनीतिक मतभेद शुरू हो गए।

प्रकाश से की है पूछताछ

परिजनों ने प्रकाश को मास्टरमाइंड बताया। हमने उसे डिटेन कर पूछताछ की। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर अभी तक उसकी संलिप्तता के कोई साक्ष्य नहीं मिले। पूरी निष्पक्षता से जांच की जा रही है।
सुधीर जोशी, पुलिस अधीक्षक, बांसवाड़ा

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