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बहनों ने राखी से सजाई भाईयों की कलाई, भद्रा रहित होने से दिनभर मनाया रक्षाबंधन
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बहनों ने राखी से सजाई भाईयों की कलाई, भद्रा रहित होने से दिनभर मनाया रक्षाबंधन

Raksha Bandhan In Banswara : जिलेभर में उत्साह से मनाया रक्षाबंधन, याद दिलाया रक्षासूत्र का वचन
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बांसवाड़ा

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Sanjay Singh

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Updated: 15 Aug 2019, 12:37 PM IST

बांसवाड़ा. भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन गुरुवार को उत्साह व उमंग से मनाया जा रहा है। वहीं विप्र वर्ग की ओर से जलाशयों के किनारे श्रावणी उपाकर्म भी किए गए। इस बार भद्रा रहित होने से गुरुवार को सुबह से लेकर शाम तक बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधकर रक्षाबंधन मनाया। पर्व के एक दिन पहले बाजारों में रौनक नजर आई। शहर के पुराना बस स्टैंड से लेकर चंद्रपोल, मटावाव, पीपली चौक, सदर बाजार, आजाद चौक, पुरानी सब्जी मंडी मार्ग, पाला आदि क्षेत्रों में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने राखियों, मिठाइयों, उपहारों की खरीदारी की। इसके अतिरिक्त शहर की विभिन्न प्रमुख कॉलोनियों में भी सजी राखी की दुकानों पर महिलाओं ने खरीदारी की।

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कलाईयों पर सजी राखियां
रक्षाबंधन पर बहनों ने अपने भाईयों के लिए राखियां खरीदी और गुरुवार को सुबह से ही राखी बांधने का क्रम शुरू हो गया। भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर बहनों ने उनकी आरती उतारी और मुंह मीठा करवाया। बहनों ने भाईयों को रक्षासूत्र का वचन याद दिलाते हुए सदैव प्रेम और स्नेह के साथ रहने की बात कही। बड़े भाईयों ने छोटी बहनों को उपहार दिए वहीं छोटे भाईयों को बड़ी बहनों से उपहार मिले। इधर, बांसवाड़ा में जुड़वा भाई-बहन ने राखी का त्योहार मनाया। दीवान की कलाई पर बहन वृष्टि ने राखी बांधी और मुंह मीठा करवाया। दोनों में बहन वृष्टि भाई दीवान से 2 मिनट बड़ी है।

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श्रावणी उपाकर्म और ऋषि तर्पण
वडनगऱा नागर समाज के ऋग्वेद सामवेद और अथर्ववेद के विद्वानों ने श्रावणी उपाकर्म और ऋ षि तर्पण केशवाश्रम धर्मशाला में किया। समाज सचिव डा. आशीष दवे ने बताया कि गौत्र और वेद के अनुसार अलग-अलग श्रावणी उपाकर्म समाज में अलग-अलग दिन में किया जाता है। पंच चौबीसा ब्राह्मण समाज की ओर से श्रावणी उपाकर्म कागदी पिकअप वियर पर गुरुवार सुबह 11 बजे हुआ।

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