बांसवाड़ा.डडूका. नव भारत साक्षरता अभियान के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डडूका एवं मलाना में मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई। राजकीय उच्च माध्यमिक डडूका में नवसाक्षर मूल्यांकन परीक्षा में 102 लर्नर ने परीक्षा दी। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी महेंद्र समाधिया एवं प्रभारी दिलीप ङ्क्षसह ने केंद्र का निरीक्षण किया। इसी प्रकार अरथूना ब्लॉक के मलाना में 51 लर्नर ने परीक्षा दी। अधीक्षक राजेंद्र कोठिया, साक्षरता प्रभारी हितेश रावल, सर्वेयर के रूप में अशोक मेहता, संजय मेहता, निवृति मेहता, राजेन्द्र महवाई, गणेश जोशी, प्रति जैन, धमेंद्र भट्ट, शीतल चौहान, इंदिरा ताबियार, स्मिता पंड्या, मलाना पीइइओ दिनेश ङ्क्षसह राव, शिवदास वैष्णव, किशनलाल मौजूद थे।
खोडऩ. राउमावि सुजाजी का गढ़ा में निरक्षरों ने परीक्षा दी। सुजाजी का गढ़ा, बरोडिया, थुरी मझरा, लक्ष्मीपुरा, ओजरीया से निरक्षर परीक्षा देने पहुंचे। व्यवस्थाओं में प्रकाश बुनकर, जसोदा भगोरा, पुरुषोत्तम त्रिवेदी, किशोर जोशी, अमरजी खांट, कविता आदि रहे।
पालोदा. स्थानीय राउमावि में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत साक्षरता परीक्षा केन्द्राधीक्षक नवीनचन्द्र त्रिवेदी की मौजूदगी में आयोजित हुई। मूल्यांकन परीक्षा में कुल 48 निरक्षरों ने परीक्षा दी। वीक्षक कोमल जोशी, नीतेश आमेटा व हरीश मकवाना ने सहयोग दिया।
साक्षरता प्रभारी शंकरलाल त्रिवेदी, मदनमोहन पाटीदार, संजय रावल, स्नेहलता जैन, मोहिता जैन, हेमलता जैन, दिनेश पंचोली ने सहयोग प्रदान किया।
प्रेरकों ने सुनाई पीड़ा
राजस्थान प्रेरक संघ ने पीड़ा सुनाई। जिला संघ अध्यक्ष गौतम लाल वडेरा और उपाध्यक्ष सुभाष कटारा ने बताया कि प्रेरकों के आगे रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि नवसाक्षरता का मूल्यांकन सरकार द्वारा किया गया है। जो प्रेरकों के बिना अधूरा है। साक्षरता प्रेरकों को घर बैठाकर बेरोजगार कर दिया और अन्य कार्मिकों के द्वारा परीक्षा कराई गई। जिससे प्रेरकों ने रोष प्रकट किया। साथ ही संघ ने सरकार से मांग रखी कि प्रेरकों की सेवा पुन: शुरू की जाए, अनुभव के आधार पर साक्षरता कार्यक्रम से जोड़ा जाए, महिला प्रेरक को प्रसूति अवकाश देने सहित अन्य मांग रखी।