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World Photography Day : वागड़ के रनी-बनी झरनें की अनुपम छटा, 4 किमी पहाड़ी पगडंडी पार करने के बाद दिखाई देता हैं यह खूबसूरत नजारा

World Photography Day, Mahi Dam Banswara, Rajasthan Tourism : विश्व फोटोग्राफी दिवस आज: रनी-बनी झरने की अनुपम छटा...

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बांसवाड़ा. फोटोग्राफी कुछ लोगों के लिए आय का जरिया हो सकती है लेकिन कुछ लोगों के लिए फोटोग्राफी जिंदगी के अच्छे बुरे आयामों को दुनिया के सामने लाने का माध्यम है। फोटोग्राफी शौक, रोमांच, प्रकृति का लुत्फ लेने का माध्यम भी है। मानसून के इस मौसम में प्रकृति नदी नालों के उफान और झरनों की कलकल से खिलखिला रही है और चहुंओर नजारा ऐसा है जैसे धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। बांसवाड़ा शहर से करीब बारह किमी दूर गणाऊ इलाके में रनी बनी के झरने भी अपने पूरे यौवन पर आए हुए हैं, झरने की छटा अनुपम है लेकिन इन तक पहुंचने का सफर उतना ही दुर्गम है। चार किमी पहाड़ी मार्ग की पगडंडी तय करने के बाद इस नजारे को देखा जा सकता है। फिलहाल वहां तीन झरने बह रहे हैं, लेकिन वर्षा भरपूर हो तो फिर एक दर्जन झरने प्रवाहमान होते देखे जा सकते हैं। प्रकृति की इसी अनुपम छटा से लोगों को रूबरू कराने के लिए फोटोग्राफी की दृष्टि से इस विशेष दिन पर वहां पहुंचे फोटो जर्नलिस्ट दिनेश तंबोली द्वारा ड्रोन कैमरे की मदद से करीब 150 मीटर की ऊंचाई से झरनों कीं खींची तस्वीर।

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एक नजर में रनी-बनी झरने:
झरना – करीब 90 फीट उचाई से गिरता एक साथ दिखते झरने – एक साथ तीन बड़े झरने देखे जा सकते हैं
कुल झरने – ज्यादा वर्षा होने पर एक दर्जन से भी अधिक छोटे मोटे झरने देखे जा सकते हैं।
झरने के लिए पहाड़ की चढ़ाई – करीब 4 किलोमीटर 4 किमी की पहाड़ी पगडंडी पार करके पहुंच सकते हैं झरनों का पानी 11 किलोमीटर दूर लीमथान नदी में मिलता है।