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बाराबंकी

ऋतिक को मारने वाली आरोपी छात्रा ने बाल संप्रेक्षण गृह को बताई ये बात

जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी छात्रा को बाराबंकी के बाल संप्रेक्षण गृह भेजा था, जहां से जमानत के बाद उसे रिहा कर दिया गया है।

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बाराबंकी. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ब्राइट लैंड स्कूल में गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल जैसी वारदात होने से हर कोई हिल गया है। वारदात में घायल छात्र ऋतिक लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती है। इस दिल दहला देने वाली वारदात से लखनऊ से सटे जिला बाराबंकी भी अचनाक सुर्खियों में आ गया। ऐसा इसलिए क्योंकि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी छात्रा को बाराबंकी के बाल संप्रेक्षण गृह भेजा था, जहां से जमानत के बाद उसे रिहा कर दिया गया है।

ब्राइट लैंड कॉलेज में पहली कक्षा के छात्र ऋतिक पर जानलेवा हमला करने वाली उसी कॉलेज में सातवीं कक्षा की छात्रा को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रधान मैजिस्ट्रेट अचल प्रताप सिंह ने 31 जनवरी तक के लिए बाराबंकी के बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया था। जिसके बाद छात्रा के वकीलों ने जुवेनाइल बोर्ड में जमानत के लिए अर्जी लगाई। जहां सुनवाई के बाद फिलहाल जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने दस्तावेजों के आधार पर बच्ची की उम्र 10 साल 11 माह 28 दिन मानी है। कोर्ट ने 30 जनवरी तक के लिए आरोपी बच्ची को अंतरिम जमानत दी है। बाराबंकी बाल संप्रेक्षण गृह से आरोपी बच्ची को फिलहाल रिहा कर दिया गया है। छात्रा को उसके वकील अपने साथ ले गये। साथ ही आपको बता दें कि अब 30 जनवरी को रेगुलर बेल पर दोबारा सुनवाई होगी।

वहीं इससे पहले बाराबंकी बाल संप्रेक्षण गृह की सहायक अधीक्षिका कंचन वर्मा ने इस मामले में बताया कि आरोपी छात्रा को रिहा कर दिया गया है। साथ ही कंचन वर्मा ने बताया कि छात्रा लगातार अपने आप को बेकसूर बता रही है। छात्रा का कहना है कि उसने कुछ नहीं किया। उसे इस मामले में जबरदस्ती फंसाया जा रहा है। कंचन वर्मा के मुताबिक आरोपी छात्रा इस पूरी वारदात में अपने शामिल होने से लगातार साफ इनकार करती रही।

इस वारदात की गुत्थी तो कुछ दिनों में पुलिस सुलझा ही लेगी, लेकिन फिलहाल इस पूरी वारदात ने एक बार फिर पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस बात का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पीड़ित छात्र ऋतिक से मिलने केजीएमयू पहुंचे थे और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

माता-पिता कुछ भी कहें, पुलिस जांच में जो भी निकलकर आए, लेकिन सातवीं क्लास में पढ़ने वाली कोई मासूम छात्रा सिर्फ स्कूल में छुट्टी करवाने के लिए इतनी खौफनाक वारदात को अंजाम दे सकती है, यह बात लोग हजम नहीं कर पा रहे हैं।