बारां. अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर बुधवार को राजस्थान सरकार के कला संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा भारतीय सांस्कृतिक निधि अध्याय के सहयोग से विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन सकारात्मक पहल है। भारतीय सांस्कृतिक निधि के प्रयासों से बारां धीरे-धीरे वैश्विक पटल पर उभरने लगा है। ऐसे में हमें तन, मन व धन से आगे आकर हमारे सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक वैभव के लिए कार्य करना चाहिए। बारां की सांस्कृति धरोहर न केवल आकर्षक है, यह देश व विदेशों में भी विशिष्ट पहचान रखती है।
ये विचार अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर इंटेक की ओर से आयोजित एक दिवसीय संभाग स्तरीय परिचर्चा में मुख्य अतिथि विष्णु कुमार साबू ने व्यक्त किए। अध्यक्षता करते हुए बारां नागरिक सहकारी बैंक के चेयरमैन जयनारायण हल्दिया ने कहा कि विविध पुरातत्विक विरासतों से भरपूर बारां का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए इंटेक के साथ अन्य संस्थाओं को भी इस तरह के प्रयास करने के लिए आगे आना होगा। वर्तमान समय में संग्रहालयों की उपादेयता विषय पर राजथान सरकार के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के सहयोग से आयोजित एक दिवसीय परिचर्चा के मुख्य वक्ता प्राचार्य डॉ. कृष्णमुरारी मीणा ने कहा कि संग्रहालय हमें हमारे अतीत, इतिहास, पुरातत्व तथा विविध धरोहरों के बारे में इंडेक्स की तरह की महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। तत्कालीन स्थान के विभिन्न दर्शनीय स्थलों की भी समृद्धि के दर्शन भी कराते हैं।
मुख्य वक्ता के रूप में सहायक संग्रहालय प्रभारी संदीप सिंह ने कहा कि हमें हमारे विभिन्न किस्सों को समारोहपूर्वक मनाना चाहिए। ताकि जनजागृति के उददेश्य में सफलता प्राप्त हो सके। परिचर्चा का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा अर्चना तथा माल्यार्पण के साथ हुआ। इंटेक के डॉ. मनोज सिंगोरिया अतिथियों का स्वागत किया। भरतनाट्यम कलाकार हिमानी ने अपने नृत्य से शिव आराधना प्रस्तुत की। कन्वीनर जितेंद्र शर्मा ने आभार जताया।