बारां. छीपाबड़ौद में सर्राफा व्यापारी के यहां 12 फरवरी को हुई 125 किलो के जेवरात की चोरी के मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार कर एक के कब्जे से 5 किलो चांदी बरामद की है। यह जानकारी एसपी कल्यानमल मीना ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेस कर दी। एसपी ने बताया कि 12 फरवरी को गौतमचन्द गोयल निवासी सर्राफा बाजार ने इस चोरी कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार रात को घर के नीचे स्थित दुकान से 9-10 नकाबपोश 6-7 कट्टों में सामान भरकर ले जाते दिखे। नीचे आकर देखा तो दुकान का शटर टूटा था। बड़ी तिजोरी का गेट खुला था। इसमें रखी चांदी व चांदी के जेवरात जो 125 किलो वजनी थे, चोरी जा चुके थे। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले। एएसपी जिनेन्द्र कुमार जैन के नेतृत्व में पूजा नागर वृताधिकारी वृत छबड़ा के सुपरविजन में एसाई चन्द्र प्रकाश यादव, थानाधिकारी छीपाबड़ौद, राजेश मीना थानाधिकारी थाना छबड़ा, सत्येन्द्र सिंह हैड कॉन्स्टेबल प्रभारी साइबर सैल शामिल रहे। टीम ने मुखबिरों से प्राप्त सूचनाओ एवं साइबर सेल के विश्लेषण के आधार पर घटना में अंतरराज्यीय गिरोह के साथ स्थानीय व्यक्तियों का हाथ होना पाया। इसके बाद आरोपी तेजसिंह गुर्जर, प्रमोद सोनी, प्रमोद उर्फ गोलू ब्राहम्ण एवं सूरज खरवाल को डिटेन कर अनुसंधान किया गया। उनके कब्जे से घटना को अंजाम देने के बाद बंटवारे में मिली करीब 5 किलो चांदी बरामद की गई। घटना में प्रयुक्त कार को भी डिटेन किया गया।
तरीका वारदात का
डिटेन अभियुक्त तेजसिंह गत दो साल से छबड़ा में रह रहा है। उसकी मित्रता पड़ोस में रहने वाले बल्लु सांसी व प्रमोद उर्फ गोलु ब्राह्मण से थी। तेजसिंह व बल्लु सांसी ने अपने मित्र गुगोर निवासी सूरज खारवाल से संपर्क किया। प्रमोद उर्फ गोलु ने प्रमोद सोनी से संपर्क किया। सभी के बीच आपस में संपर्क होने पर फरियादी की दुकान को चिन्हित करके वारदात की योजना बनाई। इसके बाद उन्होंने एमपी के पवन पुत्र बापुड़ा, गंगु पुत्र बापुड़ा, देवेन्द्र पुत्र राधेश्याम पादरी निवासी खेजड़ा, रामकिशोर, केदार पुत्र बाबु, सोनू पुत्र रामप्रसाद, संजय पुत्र चतरसिंह, मिथुन पुत्र माखन पादरी निवासी बीलाखेड़ा थाना धरनावदा जिला गुना से संपर्क किया। इसके बाद बल्लु सांसी की गाड़ी व सूरज खारवाल अपनी स्वयं की गाड़ी से 11 फरवरी को उक्त गिरोह को लेकर कस्बा छीपाबड़ोद आया। रात में वारदात को अंजाम दिया। उक्त आरोपी वारदात करने से पहले रैकी करते हंै, उसके बाद घटना को अंजाम देते हंै।