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बाड़मेर

बॉर्डर पर किसानों का सम्मेलन, मांगों को लेकर भरी हुंकार

किसानों ने बताया कि अभी अगले महीने खरीफ की फसल की बुवाई का समय है। जिसमें उन्हें खेत बुवाई, मेड़बंडी के लिए कर्ज लेना पड़ता है। ऐसे समय में कुर्की के नोटिस भेजना न्यायोचित नहीं है। इसलिए फसल पकाई तक उन्हें राहत दी जाए। किसानों की उक्त सभी समस्याओं पर विचार मंथन कर उपखण्ड अधिकारी रामलाल मीणा, तहसीलदार ईश्वर सोलंकी को ज्ञापन सौंपा गया।

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सरकार से पानी और पर्याप्त ​बिजली की मांग

भारतीय किसान संघ का रामसर और गडरारोड तहसील का संयुक्त सम्मेलन गडरारोड में हुआ जिसमें सीमावर्ती गांवों के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।संयुक्त बैठक में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों लेकर बात रखी। जिलाध्यक्ष जगराम विश्नोई ने कहा कि प्रत्येक किसान को ग्राम इकाई से जुड़ना चाहिए। ग्राम इकाई से ही तहसील, जिला और प्रदेश का मजबूत संगठन बना है। प्रदेशमंत्री हरीराम मांजू ने बताया कि अभी राज्य सरकार ने राज्य बजट में भारतीय किसान संघ से सुझाव मांगे थे। उन्होंने सरकार से हुई वार्ता,राज्य बजट में दिए अपने सुझाव पर जानकारी दी। उन्होंने सरकार से खेतों में नियमित पानी देने, पर्याप्त बिजली देने की मांग रखी।

किसानों ने रखी मांगें:-

इस दौरान उपस्थित किसानों ने वर्ष 2023 का आदान अनुदान दिलाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से रामसर, गडरारोड के सैकड़ों किसान अनुदान से वंचित है। डीएनपी क्षेत्र से आए किसानों ने बताया कि उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड से वंचित रखा जा रहा है। किसानों ने केसीसी ऋण दिलाने की मांग की। इस अवसर पर प्रदेश बैंक बीमा आपदा प्रमुख गोविंदराम चौहान, जिला सहमंत्री जेतमालसिंह भाटी, तहसील अध्यक्ष शेरसिंह सोढ़ा, रामसर तहसील अध्यक्ष पनाराम चौधरी, जेठाराम कंटलिया, प्रभुराम हरसानी, आलमखान मौजूद रहे।