
PM Modi- File PIC
राजस्थान में 21 अप्रैल को होने जा रहा पचपदरा रिफाइनरी का शुभारंभ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक भविष्य का उदय होने का माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस प्रस्तावित जनसभा को लेकर बालोतरा जिला प्रशासन पूरी तरह 'अलर्ट' मोड पर है। जिला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लाखों की भीड़ को भीषण गर्मी के बीच सुरक्षित रखने और सुचारू यातायात सुनिश्चित करने की है। कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने साफ कर दिया है कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अप्रैल की चिलचिलाती धूप और मारवाड़ की तपिश को देखते हुए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर दिया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम स्थल पर आने वाली प्रत्येक बस में एक प्रभारी नियुक्त किया जाएगा।
थार के रेगिस्तानी इलाके में इन दिनों गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। 14 अप्रैल मंगलवार के तापमान की बात करें, तो इस दिन अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है।
प्रदेशभर में बाड़मेर सबसे अधिक गर्म रहा, जिससे आमजन को दिनभर तेज गर्मी का सामना करना पड़ा।शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर के समय गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजारों में भी दोपहर के वक्त ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। खासकर दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है।
चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ती गर्मी में लू और डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन भी आमजन से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।
प्रधानमंत्री की सभा में हजारों वाहनों के पहुँचने की उम्मीद है। नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए उपखंड अधिकारी केशव कुमार मीणा ने विस्तृत रूट चार्ट और पार्किंग प्लान पेश किया है। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि:
अक्सर बड़ी जनसभाओं की समाप्ति के बाद एक साथ भीड़ निकलने से जाम और अव्यवस्था फैलती है। कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने 'भीड़ प्रबंधन' (Crowd Management) को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। सभा स्थल से वाहनों की रवानगी को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
प्रशासन केवल व्यवस्थाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर अधिक से अधिक जन-सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार और अतिरिक्त कलेक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राम पंचायत स्तर तक समन्वय बनाकर लोगों को इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए प्रेरित करें।
सुरक्षा की दृष्टि से भी रिफाइनरी क्षेत्र को अभेद्य किले में तब्दील किया जा रहा है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा के साथ-साथ आम जनता की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहेगा। डोम की मजबूती, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की तैनाती को लेकर भी अंतिम दौर की समीक्षा पूरी कर ली गई है।
Published on:
15 Apr 2026 12:31 pm
