बाड़मेर. राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मनोरोग ओपीडी कक्ष की छत गिर गई। गनीमत रही कि छत शनिवार रात्रि में गिरी, जिसका पता रविवार को सुबह कक्ष खोलने पर चला। इसके चलते कोई हादसा नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार अस्पताल की मनोरोग ओपीडी कक्ष को शनिवार को बंद किया गया था, तब सब कुछ ठीक था। लेकिन रविवार जब सुबह कक्ष को खोला तो सभी आश्चर्य में पड़ गए। छत का करीब आधा हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर धराशायी हो गया। छत का मलबा चिकित्सकों की टबल, मरीजों के लिए रखे बेड आदि पर आकर गिरा। पूरा कक्ष अस्त-व्यस्त हो गया।
हो सकता था हादसा
मनोरोग ओपीडी कक्ष में वरिष्ठ विशेषज्ञ के अलावा जूनियर चिकित्सक और इंटर्न भी बैठते है। वहीं औसतन करीब 50-60 मरीज उपचार के लिए रोजाना आते है। छत ओपीडी समय के दौरान गिरती तो हादसा हो सकता था। रात के वक्त गिरने से यह टल गया। लेकिन कक्ष में लगे तीन पंखे क्षतिग्रस्त हो गए। सबसे भारी मलबा वरिष्ठ चिकित्सक जहां बैठते है, उसी पखें पर गिरा। जिससे उसकी पंखुडि़यां पूरी तरह से मुड़ गई।
जगह-जगह झूल रही है छत, गिर रही दीवार की टाइलें
अस्पताल के नए बने ओपीडी परिसर में पहले भी छतों के गिरने के मामले सामने आए है। वहीं टाइलें तो पूरे परिसर में जगह-जगह से गिर रही है। बीच में मरम्मत भी करवाई गई थी। अब छत गिरने से चिकित्सक भी भयभीत हो रहे हैं। क्या पता परिसर में कौनसी जगह की छत गिर जाए। अस्पताल में जगह-जगह छत झूलती दिखती है। ऐसे में चिकित्सकों, स्टाफ और मरीजों पर खतरा मंडरा रहा है।