बालोतरा. नगर सहित समूचे क्षेत्र में होली पर्व धूमधाम से मनाया गया। परिवार सदस्यों के साथ पर्व मनाने लोग नगर, कस्बोंं से घर पहुंचे। इससे हर कहीं चहल,पहल व रौनक अ धिक दिखाई दी। लोगाें ने वि धि विधान से होली का दहन किया। स्वस्थ व दीघार्यु जीवन की कामना को लेकर नवजात बालकों को होली के फेेरे लगाए गए। महिलाओं ने मंगलगीत गाए। गे रियों ने बालकों को ढूंढ़ा। अगले दिन छोटे से बड़ों से सभी ने एक दूसरे पर रंग डालकर होली खेली।
शाम को आयोजित गेर में भाग लेकर फागुणी गीत गाने के साथ नृत्य किया। पर्व को लेकर नगर सहित पूरे क्षेत्र में शांति बनी रही।
नगर सहित समूचे क्षेत्र में होली पर्व को लेकर लोगों में जबद दस्त उत्साह देखने को नजर आया। परिवार सदस्यों केे साथ धूमधाम से पर्व मनाने को लेकर हजारों लोग नगरों, कस्बों से घरों को लौटे। होली के एक दिन पहले इनके पहुंचने पर हर कहीं चहल-पहल व रौनक अ धिक दिखाई दी।
खुशी से पर्व मनाने को लेकर इन्होंने रंग, पिचकारियों, मिठाईयाें, कपड़ों की जमकर खरीदारी की। इससे पूरे दिन बाजारों व दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ नजर आई। होली के दिन लोग शाम को सज-धज कर होलिका दहन स्थल पहुंचे। पर्व की खुशी में चंग बजाने के साथ फागुण गीत गाए। इन पर नाचने का आनंद उठाया। शुभ मुर्हुत में वि धि विधान से होलिका का दहन किया। हजारों लोग इसमें शामिल हुए। स्वस्थ व दीघार्यु जीवन की कामना को लेकर नवजात बालकों को होली के फेेरे लगाए गए। महिलाओं ने मंगलगीत गाए। गे रियों ने बालकों को ढूंढ़ा। इनके दीघार्यु जीवन की कामना की। भेंट स्वरूप इन्हें मिठाईयां व नकद रुपए दिए। अगले दिन छोटे-बड़ों ने सभी से एक दूसरे पर गुलाल, अबीर, रंग डालकर जमकर होली खेली। कई घंटे होली खेलने के साथ फागुणी गीतों पर नृत्य किया। होली रंग खेलने को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को नजर आया। हरेक ने होली खेलने का भरपूर आनंद उठाया। मध्यान्ह के बाद
नए कपड़े पहन सजधज कर तैयार हुए। परिवार, रिश्तेदारी के बड़े बुर्जुगों के चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। इन्होंने मिठाई से मुंह मिठा करवाते हुए इन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। नेक स्वरूप रुपए दिए। शाम को जगह जगह गेर का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इन्होंने ढोल की ढमक, थाली की टंकार के साथ बजते फालुगी गीतों पर गेर नृत्य किया। सूर्यास्त तक आयोजित गेर नृत्य आयोजन का हजारों जनों ने आनंद उठाया।