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बीमारों की पीड़ा…महीने भर में ठीक नहीं हो रही खांसी, 20 दिन तक नहीं उतर रहा बुखार

- सामान्य बीमारियां बढ़ा रही मर्ज की गंभीरता - अधिकतर रोगी आइएलआई जैसे लक्षणों से पीडि़त

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बाड़मेर. इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आइएलआई) के लक्षणों से पीडि़त मरीजों की अस्पताल में भीड़ बढ़ती जा रही है। बच्चों में भी इसका असर अधिक नजर आने लगा है। एक-एक महीने से बच्चों की खांसी ठीक नहीं हो रही है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि मरीज का रिकवरी में बहुत अधिक समय लग रहा है। अस्पताल में ऐसे भी कई रोगी पहुंच रहे हैं, जिनका 20 दिन बाद भी बुखार पीछा नहीं छोड़ रहा है। परिवार में एक व्यक्ति को खांसी-जुकाम या बुखार होता है तो सभी चपेट में आ रहे हैं। बच्चे से लेकर बड़े सभी बीमार हो रहे हैं। खांसी ठीक होने का नाम नहीं लेती है। इससे अस्थमा पीडि़तों की दिक्कत बढ़ती जा रही है।
50 प्लस रोगियों में ऑक्सीजन की कमी
अस्पताल आने वाले 50 साल की उम्र के अधिक मौसमी बीमारियों के पीडि़तों में ऑक्सीजन की कमी मिल रही है। सेचुरेशन कम होने से ऐसे रोगियों को भर्ती करके ऑक्सीजन दी जा रही है। कई मरीज काफी गंभीर स्थिति में आते हैं, जिनको आइसीयू तक की जरूरत पड़ रही है। मौसमी बीमारियां गंभीर स्थिति पैदा कर रही है। चिकित्सक बताते हैं कि ऐसे कई मरीजों की जांच में लीवर में सूजन मिली है।
हर तीसरे मरीज के फेंफड़ों में संक्रमण
जिला अस्पताल की ओपीडी में हर तीसरे मरीज की जांच में फेंफड़ों में संक्रमण सामने आ रहा है। एक्स-रे और सीटी टेस्ट में कई मरीज गंभीर निमोनिया के पीडि़त मिल रहे हैं। सामान्य से दिखने वाले मौसमी बीमारियों के पीडि़तों का भी नेबुलाइजेशन करवाना पड़ रहा है। इसके कारण ओपीडी की भीड़ के बाद इमरजेंसी में मरीज बढ़ गए हैं।
छुट्टी के दिन भी मेडिसिन की ओपीडी 2 बजे तक
राजकीय अवकाश के दिन भी जिला अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी दोपहर 2 बजे तक चलती है। रविवार और अन्य अवकाश में रोगियों के पहुंचने का क्रम जारी रहता है। जबकि इस दिन सुबह 9 से 11 बजे तक का ही समय है लेकिन मरीजों के लगातार आने से चिकित्सक भी अतिरिक्त सेवाएं दे रहे हैं। राजकीय जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉ. थानसिंह बताते हैं कि सूखी खांसी के मरीजों को स्वस्थ होने में काफी दिन लग रहे हैं। दवा लेने के बाद भी रोगी स्वस्थ होने में अधिक समय लेता है। ऐसे बच्चों के केस भी आए हैं जो एक महीने से खांसी से पीडि़त है। बुखार भी कई दिनों तक नहीं छोड़ रहा है।
आइएलआई पीडितों में लक्षण
-तेज बुखार
-सूखी खांसी
-सिरदर्द और थकान
-गले में खराश
-माशपेशियों में दर्द

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