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बाड़मेर

बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, जनप्रतिनिधियों ने जताया विरोध

बाड़मेर जिले की सीमांत पंचायत समिति गडरारोड की साधारण सभा की बैठक शनिवार को हुई। बैठक में जनप्रतिनि​धियों को इस बार को लेकर नाराजगी जताई कि उनकी मांगों को अ​धिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कई विभाग के अ​धिकारी तो बैठक में आते ही नहीं है। ऐसे में वे अपनी समस्याएं बताएं तो किसे? जनप्रतिनि​धियों ने कार्यवाही को लेकर प्रस्ताव रखने की बात कही।

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गडरारोड पंचायत समिति सभागार में शुक्रवार को प्रधान सलमान खान की अध्यक्षता उपखण्ड अधिकारी झंवरलाल, विकास अधिकारी प्रवीणसिंह, तहसीलदार प्रीतम सिंह, उप प्रधान वीरमाराम के आतिथ्य में आयोजित की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने सड़क, बिजली, पानी, चिकित्सा,शिक्षा आदि जन समस्याओं को प्रमुखता से रखा। लेकिन पीएचईडी, नर्मदा प्रोजेक्ट के अधिकारियों के नहीं पहुंचने से कोई जवाबदेही नही हो पाई। इसके लिए जनप्रतिनिधियों ने आक्रोश व्यक्त किया। खंड विकास अधिकारी प्रवीणसिंह ने गत बैठक कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की। जनप्रतिनिधियों ने इसे अनुमोदित किया।

जनप्रतिनि​धियों ने रखी मांगें

पंचायत समिति सदस्य पूरसिह राठौड़ ने बैठक में लगातार नर्मदा प्रोजेक्ट के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर विरोध जताते हुए सबंधित के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की, साथ ही उन्होंने कहा कि गांवों में जेजेएम की पाइपलाइन डालने के बाद तोड़ी गई सड़कों को सुधारा नहीं जा रहा हैं। कई जगह लीकेज हो रहा हैं और ग्रामीणों को प्रयाप्त पानी नहीं मिल रहा हैं।सरपंच कैलाशदान ने सोलंकिया से झनकली की सड़क की जर्जर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अफसोस जताया।उन्होंने ग्रामीणों की तकलीफ बताते हुए कहा कि यह सड़क पिछले दस वर्षों से खराब है, इस बीच भाजपा और कांग्रेस की बारी बारी से सरकार आई लेकिन किसी ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। उनका मानना है कि उनका गांव राजनीति का शिकार हो रहा है।उन्होंने ग्रामीणों का दर्द व्यक्त करते हुए कहा कि आपसे अगर पक्की सड़क नहीं बनाई जा सकती है, तो ग्राम पंचायत को अनुमति दे दी जाए जिससे वह सड़क से डामर को हटाकर ग्रेवल सड़क बना सके।