Bike rider death in road accident, angry people protest in hospitalशाहपुरा। जयपुर जिले के शाहपुरा थाना इलाके में साईवाड़ गांव में यमदूत बनकर आए ट्रेलर ने बाइक सवार युवकों के टक् कर मार दी। हादसे में ट्रेलर के टायरों के नीचे आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। युवक बाइक से क्रिकेट खेलने जा रहे थे, इसी बीच रास्ते में यमदूत बनकर आए ट्रेलर ने टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार एक युवक की टायरों के नीचे आने से दर्दनाक मौत हो गई। जबकि दो अन्य युवक गंभीर घायल हो गए। घायलों को जयपुर रैफर किया है, जहां एसएमएस में उपचार चल रहा है।
इधर, घटना की सूचना पर हादसे में मृतक युवक के घर में कोहराम मच गया। हादसे के बाद घटनस्थल पर बडी संख्या में लोगों की भीड़ लग गई।
हादसे को देखकर घटना स्थल पर एकत्रित लोगों की भी आंखों से आंसू छलक पड़े। दुर्घटना के बाद गुस्साए परिजनों व लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने घटनास्थल व अस्पताल की मोर्चरी के बाहर घटना को लेकर जमकर विरोध जताया। हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर शाहपुरा समेत 3 पुलिस थानों के जाब्ता मौके पर पहुंचा और समझाईश कर मामला शांत कराया।
जानकारी के अनुसार नाथावाला निवासी अमरचंद यादव, खोरी निवासी रविन्द्र यादव व शाहपुरा के वार्ड संख्या 15 निवासी अरशद अली बाइक लेकर साईवाड़ से आगे क्रिकेट खेलने जा रहे थे। साईवाड़ गांव स्थित सरकारी स्कूल के पास पहुंचने पर घुमाव में सामने से आ रहे चूने के पाउडर से भरे एक ट्रेलर ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में अमरचंद ट्रेलर के टायरों के नीचे आ गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। बाइक सवार रविन्द्र व अरशद अली गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद ट्रेलर चालक ट्रेलर छोडकर मौके से फरार हो गया।
इस दौरान अमरचंद के परिजन गाडी लेकर किसी रिश्तेदारी में बैठक में जाकर आ रहे थे। हादसा देखकर उन्होंने घटनास्थल पर गाडी रोक दी। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। परिजन व लोगों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई। सूचना पाकर त्रिवेणी पुलिस चौकी प्रभारी सुनील कुमार, हैड कांस्टेबल मूलचंद, राजेन्द्र, ओमवीर मौके पर पहुंचे। गुस्साए लोगों ने पुलिसकर्मियों के समक्ष विरोध जताना शुरू कर दिया। सूचना पाकर शाहपुरा थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे और समझाईश कर घायलों को एम्बुलेन्स से शाहपुरा के राजकीय अस्पताल पहुंचाया। परिजन अमरचंद के शव को निजी वाहन से लेकर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने घायलों का प्राथमिक उपचार कर गंभीर हालत होने पर जयपुर रैफर किया।
इधर, हादसे के बाद मोर्चरी में बाहर परिजन व लोगों की भीड़ लग गई। उन्होंने मोर्चरी के बाहर हंगामा करते हुए विरोध शुरू कर दिया तथा एसपी को मौके पर बुलाने की मांग की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। सूचना पर शाहपुरा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और समझाईश की। हंगामा बढ़ते देख एहतियात के तौर पर यहां तीन पुलिस थानों के जाब्ता पहुंचा। बाद पुलिस की समझाईश पर मामला शांत हुआ। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।
हादसे की सूचना मिलते ही घर में मचा कोहराम
अमरचंद के परिजन किसी रिश्तेदारी में जाकर गाडी से वापस घर आ रहे थे। रास्ते मे हादसा देखकर उन्होंने गाडी रोक दी। पास में जाकर दुर्घटनास्थल पर टायरों के नीचे अमरचंद का शव देखकर सदमे में आ गए। मौके पर विभत्स दृश्य देखकर मानो उनका कलेजा फट पड़ा हो। लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया। मृतक के घर पर जब हादसे की सूचना पहुंची तो घर में कोहराम मच गया। लोग उन्हें ढांढस बंधा रहे थे, लेकिन उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
3 थानों का पुलिस जाब्ता पहुंचा मौके पर
साईवाड़ गांव में हुए सडक़ हादसे के बाद परिजनों व लोगों के विरोध की सूचना पर एहतियात के तौर पर शाहपुरा अस्पताल की मोर्चरी के बाहर शाहपुरा, मनोहरपुर व भाबरू पुलिस थाने का जाब्ता पहुंचा। इस दौरान शाहपुरा थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह, भाबरू थाना प्रभारी अत्तरसिंह यादव, सहायक उपनिरीक्षक कालूराम झिरवाल, मनोहरपुर पुलिस थाने के सहायक उप निरीक्षक रामू सिंह मय जाब्ते के मौके पर मौजूद रहे।
…..परिजनों को क्या पता अब कभी लौटकर नहीं आएगा
बताया जा रहा है कि अमरचंद यादव अपने दोस्त रविन्द्र व अरशद अली के साथ साईवाड़ गांव में क्रिकेट खेलने जा रहा था। उसे क्या पता था कि रास्ते मे मौत उसका इंतजार कर रही है और वह अकाल मौत का ग्रास बन जाएगा। परिजनों ने बताया कि अमरचंद कुछ देर में वापस आने की कहकर गया था लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह वापस लौटकर नहीं आएगा।
मृतक के पिता है लकवे से ग्रसित
जानकारी के अनुसार मृतक अमरचंद के पिता जयनारायण यादव लकवे से ग्रसित है और वे घर पर चारपाई पर अपना जीवन बिताने पर मजबूर है। जयनारायण यादव चिमनपुरा कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। अपने बेटे की मौत का समाचार सुनकर उनकी आंखों से रुलाई फूट पड़ी। मृतक अमरचंद की शादी करीब डेढ़ साल पहले ही हुई थी।