– खुद ही ले रहे हैं खतरा मोल…
बस्सी@ पत्रिका. उपखण्ड इलाके में भारी बरसात होने से इन दिनों ढूंढ नदी परवान पर बह रही है। पिछले दिनों कोटखावदा इलाके में ढूंढ नदी से गुजर रही सड़क के रपट पर पति- पत्नी बहने से पत्नी की मौत हो गई थी, इसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं। ढूंढ नदी के सांख – गौनेर रोड पर ढूंढ नदी के रपट पर मछलियां पकड़ने के प्रयास कई बालक व किशोर अपना जीवन संकट में डाल रहे हैं।
जबकि ढूंढ नदी से गुजर रही सड़कों की रपट पर फिसलन हो रही है, इससे हादसों की आशंका बनी हुई है। फिर भी लोग अपना जीवन संकट में डाल कर बाइकों से जा रहे हैं तो बालक एवं युवा स्वयं का जीवन संकट में डाल कर रपट पर खेल रहे हैं। पिछले वर्ष भी ढूंढ नदी की रपट पर तीन जनों की डूबने से मौत हो गई थी। कानोता बांध के नीचे ढूंढ नदी में हमेशा भरे रहने वाले पानी में मछलियां पैदा हो रही है।
पानी के बहाव के साथ ही मछलियां भी बह कर जा रही है। ऐसे में कई बालक, किशोर व युवा सड़कों की रपट पर पानी के साथ आने वाली मछलियों को पकड़ रहे हैं, ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। वहीं कई लोग पानी बहाव के बाद भी बाइकों से रपट पर होकर निकल रहे हैं। (कासं )