बस्सी ञ्च पत्रिका. राइट टू हैल्थ के विरोध में जयपुर ग्रामीण के बस्सी, चाकसू एवं जमवारामगढ़ उपजिला अस्पतालों के साथ सभी सीएचसी, पीएचसी एवं प्राइवेट अस्तालों में दो घंटे के पेनडाउन कार्य बहिष्कार के अलावा अस्पतालों के बाहर संचालित निजी लैब भी बंद रहने से मरीजों की परेशानियां बढ़ती जा रही है।
मरीज इलाज के लिए भटक रहा है। मरीजों को मजबूरी में झोलाछाप चिकित्सकों के पास इलाज के लिए जाना पड़ रहा है। चिकित्सकों का 21 मार्च से लगातार पेन डाउन दो घंटे का कार्य बहिष्कार चल रहा है। इससे अस्पतालों में आने वाले मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है, जबकि इस वक्त मौसमी बीमारियों का दौर चल रहा है। वहीं बुधवार को चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर रह सकते हैं, इससे चिकित्सा व्यवस्था बेपटरी पर है।
जांच व सोनोग्राफी व एक्सरे के लिए भटक रहे हैं मरीज
सरकारी व निजी अस्पतालों में मंगलवार तक 9 से 11 बजे तक चिकित्सकों की पेन डाउन कार्य बहिष्कार के दौरान मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसी के साथ ही अस्पतालों के बाहर निजी लैब भी बंद होने से मरीजों को उन जांचों के लिए भटकना पड़ रहा था, जिन बीमारियों की अस्पताल के अन्दर जांच नहीं हो रही है। हालांकि बस्सी अस्पताल में सोनोग्राफी की जांच हो रही थी, लेकिन भीड़ के कारण जो मरीज बाहर जांच करवाना चाह रहे थे, जैसे सोनोग्राफी व अन्य जांच उनको निजी लैब बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उल्लेखनीय है कि जयपुर ग्रामीण में बस्सी उपजिला अस्पताल के अलावा किसी भी अस्पताल में अन्दर सोनोग्राफी सुविधा नहीं है।
मरीजों की लग रही थी कतार
सरकारी अस्पताल खुलने का समय सुबह 9 से 3 बजे का है। जबकि चिकित्सकों ने 9 से 11 बजे तक पेन डाउन हड़ताल कर रखी है। ऐेसे में इन दो घंटों में मरीजों की तादात बढ़ जाती है। 11 बजे बाद जब चिकित्सक मरीजों का इलाज शुरू करते हैं तो चिकित्सकों के चैम्बरों के आगे मरीजों की लम्बी कतार लग रही थी।
बैठ – बैठ कर सरक रहे थे मरीज
उपजिला अस्पताल बस्सी में मंगलवार को जब स्थिति का जायजा लियाा तो दवा कांउटर पर मरीजों की लम्बी – लम्बी कई कतार लगी हुई थी। स्थिति यह थी कि कई मरीज तो कतार में अपनी बारी आने के चक्कर में नीचे बैठ कर धीरे – धीरे सरक रहे थे। सबसे अधिक स्थिति दिव्यांग मरीजों की थी। यहां पर दिव्यांगों के लिए अलग से कोई कतार नहीं थी। (कासं)
इनका कहना…
मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जा रहा है
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ( अरिस्दा) के आह्वान पर 28 मार्च तक दो घंटे का पेन डाउन कार्य बहिष्कार था, लेकिन सरकार से सहमति नहीं बनी तो बुधवार को सामुहिक अवकाश पर रह सकते हैं चिकित्सक । हालांकि पेनडाउन के दौरान आपातकालीन व्यवस्था चालू थी।
– डॉ. विजेन्द्र सिंह मीना, प्रभारी उपजिला अस्पताल बस्सी ।
आयुष चिकित्सकों को पाबंद कर रखा है
चिकित्सकों के पेन डाउन कार्य बहिष्कार के दौरान ग्रामीण इलाकों में सीएचसी, पीएचसी व स्वास्थ्य केन्द्रों में आयुष चिकित्सकों को मरीजों के इलाज के लिए पाबंद कर रखा है।
– डॉ. सुभाष आर्य, बीएचएमएचओ बस्सी।
फोटो केप्शन – बस्सी उपजिला अस्पताल में दवा वितरण केन्द्र पर लगी मरीजों की कतार जिसमें कई मरीज परेशान होकर बैठे हैं।