जमवारामगढ़ (जयपुर)। जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डॉ.राजीव पचार ने जमवारामगढ़ थानाधिकारी कमल सिंह व कांस्टेबल प्रकाश को मिलीभगत करके अवैध शराब से भरी पिकअप छोड़ने पर गुरुवार को जांच में दोषी पाए जाने पर निलम्बित कर दिया। वहीं एसपी ने जमवारामगढ़ थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण गुर्जर, हैड कांस्टेबल रोहिताश, हैड कांस्टेबल हाथीराम, कांस्टेबल रामकिशन व रामस्वरूप सहित पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया है।
एक लाख रुपए देने की शिकायत….
गौरतलब है कि 2 अप्रेल को रूपवास मोड़ के पास हीरावाला में शराब ठेके के पास थानाधिकारी व कांस्टेबल प्रकाश ने अवैध शराब से भरी पिकअप पकड़ी थी। आरोप है कि थानाधिकारी ने लेनदेन कर पिकअप को छोड़ दिया। मामले को निपटाने के लिए शराब ठेकेदार पर एक लाख रुपए देने का लगातार दबाव बनाने पर पुलिस के आलाधिकारियों को शिकायत की गई। शिकायत मिलने पर एसपी ने जांच जमवारामगढ़ पुलिस उपाधीक्षक शिवकुमार भारद्वाज को सौंपी थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर एसपी ने थानाधिकारी व कांस्टेबल प्रकाश की संलिप्तता पाए जाने पर निलम्बित कर दिया व पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।

उच्चाधिकारियों को नहीं दी सूचना….
लाइन हाज़िर होने वाले पुलिसकर्मियों का अपराध ये था कि वे थानाधिकारी के कहने पर मौक़े पर चले गए तथा थानाधिकारी के वापस भेजने पर थाने चले आए। इसकी सूचना पांचों ने उच्चाधिकारियों को नहीं दी। इस पर लाइन हाजिर किया गया है।
पहले भी हो चुका रिश्वत का खेल…..
इससे पहले जमवारामगढ़ थाने में रिश्वत की राशि लेते हुए नवम्बर 2022 में पुलिस उप निरीक्षक संगीता मीना को एसीबी ने पांच हजार की नकदी लेते हुए गिरफ्तार किया था।