
– डीसी कैपेसिटर तकनीक से नियंत्रित विस्फोट
– रानियावास के जंगल से शिफ्ट कर पुलिस पहरे में 10 दिन से नोनपुरा सुरेरी धाम पहाड़ी के पास नाडा की तलाई में रखा हुआ था बमनुमा आर्मी शस्त्र
राहौरी. नोनपुरा सुरेरी धाम पहाड़ी के पास नाडा की तलाई में पिछले 10 दिनों से रखे संदिग्ध विस्फोटक बमनुमा आर्मी शस्त्र मोर्टार शेल को शनिवार को जयपुर से पहुंची सेना की बम निरोधक विशेषज्ञ टीम ने सफलतापूर्वक डिस्पोज कर दिया। जोरदार धमाके के शेल को उड़ाने के बाद शेल का नामोनिशान मिट गया, ग्रामीणों ने 11वें दिन राहत की सांस ली। पापड़, नोनपुरा, रानियावास और राहौरी सहित आसपास इलाकों में 10 दिनों से सेना का मोर्टार शेल ग्रामीणों के लिए दहशत और पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। जिसको डिस्पोज करने के लिए प्रशासनिक लम्बी प्रक्रिया के बाद 11वें दिन जयपुर साउथ वेस्ट कमांड लेफ्टिनेंट कर्नल के जी गौतम नेतृत्व में 20 जवानों की टीम ने 2 बजकर 40 मिनट पर प्रक्रिया शुरू कर साढ़े तीन बजे एक्सफ्लोजी लगाकर शेल को उड़ा दिया। वहीं जोरदार धमाके के साथ शेल का नामोनिशान मिट गया। जिससे ग्रामीणों को 11वें दिन दहशत के साएं से मुक्ति मिल गई। वहीं जमवारामगढ़ पुलिस को भी इससे छुटकारा मिल गया। जानकारी के अनुसार 8 अप्रेल बुधवार को शाम साढ़े छह बजे ग्राम रानियावास के पास जंगल में लावारिश पड़ा दिखाई दिया। जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दी गई। पुलिस ने वहां से सुरक्षित उठाकर आबादी से दूर निर्जन पहाड़ी क्षेत्र ग्राम पंचायत पापड़ के नोनपुरा सुरेरी धाम पहाड़ी के पास नाडा की तलाई में खुले स्थान पर रख दिया। जिसकी 24 घंटे पुलिस पहरेदारी के जाप्ता तैनात रहा। 10 दिनों से यह शेल पुलिस के लिए एक चुनौती बन गया था। मोर्टार शेल का डाटा मोटाई 81 एम एम, लंबाई 11 इंच लोडेड वजन 3 से 3.5 kg दो साल पुराना डिफ्यूज करने की प्रक्रिया सुबह साढ़े नौ बजे आर्मी टीम के सूबेदार अशोक कुमार और नायब सूबेदार आसिफ मोहम्मद ने पहुंचकर मौका निरीक्षण किया। और मौका स्थिति के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। उसके बाद 2 बजकर 40 मिनट पर जयपुर साउथ वेस्ट कमांड लेफ्टिनेंट कर्नल केजी गौतम के नेतृत्व में 20 जवानों की आर्मी टीम उपयुक्त संसाधनों और डिस्पोज किट के साथ बम को सुरक्षित निवारण करने पहुंची। प्रक्रिया शुरू कर करीब 200 मीटर दूरी पर 6 फीट गहरे गड्ढे में डिफ्यूज करने के लिए एक्सफ्लोजी लगाकर डीसी कैपेसिटर तकनीक से सुरक्षित ब्लॉस्ट कर दिया। इससे जोरदार धमाका हुआ। ब्लॉस्ट की जगह गहरा गड्ढा बन गया और बमनुमा वस्तु के परखच्चे उड़ गए। इस दौरान जमवारामगढ़ पुलिस मौके पर तैनात रही और नियंत्रित और सुरक्षा की दृष्टि से सड़क मार्ग पर यातायात को कुछ देर के लिए रोक दिया गया। धमाके की आवाज सुनकर मौके ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सुरक्षित निस्तारण के बाद पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लेफ्टिनेट कर्नल केजी गौतम ने बताया कि ओपन ब्लास्ट करने पर यह 32 मीटर दूरी तक किलिंग करता हैं। वैसे मोर्टार से दागने पर करीब 500 मीटर की दूरी तक इसकी मारक क्षमता हैं। युद्ध की स्थिति में इसका उपयोग किया जाता हैं।