
बस्ती. पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के संयोजक अनुज राही को बस्ती पुलिस ने 11 जुलाई को उनके आवास के पास के गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसे लेकर उनकी पत्नी ज्योति राही और उनके समर्थक एसडीएम न्यायालय के समक्ष धरने पर बैठ गई हैं। पत्नी ने आरोप लगाया कि आजमगढ़ में प्रधानमंत्री की रैली को लेकर अनुज राही को जेल भेजा गया है। प्रशासन को अंदेशा हुआ कि धरना दे रहे लोग भी प्रधानमंत्री की रैली में अवरोध बन सकते हैं। इसके दृष्टिगत शुक्रवार से ही कोतवाली पुलिस ने अनुज के घर पर कड़ा पहरा लगा दिया।
घर में पत्नी ज्योति राही, बच्चे और संगठन की महासचिव वंदना रघुवंशी को घर में ही नजरबंद रखा गया है। उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे समर्थक और परिवारजन में आक्रोश है। पत्नी ने बताया कि प्रधानमंत्री के आजमगढ़ और वाराणसी कार्यक्रम की समाप्ति के बाद उनके पति अनुज राही की रिहाई होगी। तभी नजरबंदी भी हटाई जाएगी। कहा कि यह सीधे उनके परिवार और संगठन के लोगों का उत्पीड़न है। मगर इस दमनात्मक कार्रवाई से यह लड़ाई बंद नहीं होने वाली है। अब यह पूर्वांचलवासियों की आवाज बन गई है। सरकार कहां तक उत्पीड़न से आवाज दबाएगी।
By- Satish Srivastava