ब्यावर. शहर के सुभाष उद्यान में सालों पुराना बंधा अब जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते जमींदोज होने की दिशा में बढ रहा है। बंधे की एक दीवार पूरी तरह धराशायी हो चुकी है। इस बंधे की दीवार गिरने का सिलसिला करीब तीन साल पहले शुरू हुआ था। तीन साल में किसी ने इसके रखरखाव की ओर ध्यान नहीं दिया। ऐसे में इस बंधे का एक हिस्सा पूरा धराशायी हो चुका है। सुभाष उद्यान में घूमने आने वालों के लिए यह बंधा खतरे से खाली नहीं है। यहां पर हादसा भी हो सकता है। हालांकि नगर परिषद ने यहां पर अस्थायी बलियां लगाकर बचाव किया है। करीब दो माह बाद तेजा मेले का आयोजन भी होगा। इस दौरान मेले में खासी भीड़ रहती है। इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन इसको गंभीरता से नहीं ले रहा है।
इनका कहना है…
उद्यान में प्रतिदिन बच्चे व बड़े घूमने आते है। रात के समय अंधेरा भी रहता है। यह पूरी दीवार टूटी हुई है। इसको दुरुस्त करवाना चाहिए। ओपन जिम के उपकरण खराब हैं, उनको भी दुरुस्त करवाया जाना चाहिए।
-कैलाश साहू, बालाजी की खिड़की
यहां पर मवेशी भी विचरण करते है। इनके बंधे में गिरने की आशंका बनी रहती है। बंधे की दीवार को जल्द दुरुस्त करवाया जाना चाहिए।-ओमप्रकाश साहू,
यहां पर बीस साल से प्रतिदिन घूमने आते है। बंधा सालों पुराना है। इस जलस्रोत की मरम्मत करवानी चाहिए। इसका समय-समय पर रखरखाव करना चाहिए। तालाब की पाल पर गंदगी पसरी है।
-सुमित्रा देवी पारीक, सूरजपोल गेट
सफाई की व्यवस्था नहीं है। कई बच्चे स्कूल से निकलकर यहां आकर बैठ जाते हैं। जिम्मेदारों को इस पर ध्यान देना चाहिए। यहां पर पुलिस गश्त की कोई व्यवस्था नहीं है। बंधे की दीवार को समय रहते दुरुस्त नहीं करवाया तो आगे की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो सकती है।
-संजय फतनानी