ब्यावर . ब्यावर से कुल्लू-मनाली घूमने गए सात युवक वहां हुई भारी बारिश के दौरान हुए भूू-स्खलन व बाढ़ में बह गए। उनमें से चार युवकों के शव तो मिल गए, जबकि तीन अभी तक लापता बताए गए हैं। एक पखवाड़े से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक इनका कोई संदेश नहीं आ सका है। अब भी परिवारजनों के मन में हर एक आहट व फोन की घंटी के साथ अपनों का संदेश मिलने की आशा की लौ जल रही है। वक्त बीतने के साथ ही आशा की लौ के साथ इंतजार में लगी आंखों की चमक भी मायूस होने लगी है। अपनों का इंतजार इतना कष्टदायक है कि हर दिन मनाली प्रशासन के सम्पर्क में है। वहीं जलजले के बाद यहां से गए कुछ युवक अब भी मनाली में अपनों की खोजबीन में जुटे हुए है। कुल्लू-मनाली में अब तक अलग-अलग स्थानों के लोग अपनों की तलाश करने पहुंच रहे है। वहां पर जलजले की बर्बादी पानी कम होने के साथ ही आंखों के सामने आ खड़ी होती है। वहां क्षतिग्रस्त सड़कें, बसें, कारें व विशाल पत्थर उस दिन की भयावहता की कहानी बयां कर रहे हैं। ब्यावर से अपनों की तलाश में मनाली गए मनीष कुमावत बताते हैं कि वे ललित कुमावत, लखन रावत व सुनील ठाकर, नरेन्द्रसिंह सोलंकी, तरुण बैरवा के साथ मनाली आए हुए हैं। यहां पर अब भी क्षतिग्रस्त वाहन तथा बड़े-बड़े पत्थर सड़़क पर पड़े़ हैं। एक बस उल्टी पड़ी है। उसके पहिए नजर आ रहे है। बाकी पूरी बस डूबी हुई है। यहां के हालात डरावने हैं। मुख्य राजमार्ग की हालत बेहद खराब है। एक वोल्वो बस के टायर नजर आ रहे हैं। उसको निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक नहीं निकाली जा सकी। यहां पर अब भी अलग-अलग स्थानों के लोग अपनों की तलाश में आ रहे हैं।
गौरतलब है कि ब्यावर निवासी चैत्य सांखला, साहिल तेजी, संदीप सांगेला, अक्षय कुमावत, लालचंद डुलगच, नितेश पंडित व नरेन्द्रसिंह गत 7 जुलाई को सैर-सपाटे के लिए कुल्लू-मनानी रवाना हुए थे। इनमें साहिल तेजी, लालचंद डुलगच, नरेन्द्र सिंह एवं चैत्य सांखला का पता लग चुका है। जबकि नीतेश पंडित, संदीप सांगेला एवं अक्षय कुमावत का अब तक पता नहीं लग सका है। परिवारजन अब भी मनाली प्रशासन से लगातार सम्पर्क कर रहे हैं।एक ग्रुप भी बनाया
सोशल साइट पर एक ग्रुप बनाया गया है। जिनके अपने अब तक नहीं मिले हैं, उन सभी को उस ग्रुप से जोड़ा गया है। वहां की प्रतिदिन मिलने वाली जानकारी इस ग्रुप में डाल दी जाती है। वहां पर रेस्क्यू टीम के काम करते हुए की फोटो भी इस ग्रुप में डाले जा रहे हैं।