एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बड़े मुकाबले में अब कुछ ही घंटे बाकी हैं। लेकिन खबर आ रही है कि दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की सैकड़ों टिकटें अब भी बिकनी बाकी हैं। ये अपने आप में एक चौंकाने वाली बात है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के मैच की टिकटें आमतौर पर पूरी दुनिया में कुछ ही घंटों में ‘सोल्ड आउट’ हो जाती हैं।
मैच शाम 6:30 बजे शुरू होना है, लेकिन अब से करीब आठ घंटे पहले तक, स्टेडियम की तीन स्टैंड्स और एक हॉस्पिटैलिटी सेक्शन में टिकटें उपलब्ध थीं। प्रीमियम स्टैंड में 205 डॉलर की टिकटें, ईस्ट और वेस्ट पवेलियन में 245 डॉलर वाली सीटें, और यहां तक कि हॉस्पिटैलिटी स्टैंड में 1,645 डॉलर की महंगी टिकटें भी बची हुई थीं। इस तरह के हाई-वोल्टेज मैच में इतने टिकट बचे रह जाना बेहद असामान्य माना जा रहा है। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
इसको लेकर स्थानीय दर्शकों का कहना है कि दुबई की भीषण गर्मी इसका एक बड़ा कारण है। सितंबर का महीना इस इलाके में सबसे गर्म माना जाता है और मैच के समय तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है, इसके साथ ही 50 प्रतिशत की उमस भी रहेगी। ऐसे में बाहर बैठकर मैच देखना बेहद मुश्किल हो जाता है। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि खिलाड़ी तो पैसे लेकर खेलते हैं, लेकिन दर्शकों को गर्मी में बैठकर मैच देखने के लिए खुद अपनी जेब से भारी रकम खर्च करनी पड़ती है। आखिर कोई इतनी तकलीफ क्यों उठाए?
इसके अलावा, भारत और पाकिस्तान के बीच गरमाए राजनीतिक तनाव को भी बड़ी वजह माना जा रहा है। मई में दोनों देशों के बीच सीमा पर चार दिन तक चले तनावपूर्ण हालात के बाद, कई लोग मानते हैं कि इस समय इस तरह का मैच कराना उचित नहीं है। इसको लेकर भारत में जगह-जगह कुछ फैंस ने इस मैच का बहिष्कार भी किया है, ताकि सरकार इस मुकाबले को रुकवा सकें। भारतीय क्रिकेट एक्सपर्ट के मुताबिक यही वजह है कि लोग पड़ोसी देश से संबंधों को लेकर इस मैच के आयोजन से नाराज़ हैंऔर उन्होंने टिकट न खरीदने का फैसला किया है।
बता दें कि दुबई में अक्सर क्रिकेट मैचों के दौरान स्टेडियम में खाली सीटें देखी जाती हैं, लेकिन भारत-पाकिस्तान जैसे मुकाबलों में ऐसा बहुत ही कम होता है। आमतौर पर ऐसे मैचों की टिकटें कुछ ही घंटों में खत्म हो जाती हैं। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) और एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। टिकट बिक्री के आंकड़े मैच शुरू होने के बाद ही साझा किए जाएंगे।
ऐसे में हालात चाहे जैसे भी हों, इतना तो साफ है कि इस बार भारत-पाकिस्तान मैच के आसपास जोश उतना नहीं दिख रहा, जितना पहले हुआ करता था। इसकी वजहें सिर्फ मौसम या राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शायद बदलते वक्त में दर्शकों की प्राथमिकताएं और सोच भी अब बदलने लगी हैं।