डीग जिले के कुम्हेर थाना इलाके में लुटेरी दुल्हन का एक और मामला सामने आया है। एक लाख रुपए में शादी करने के बाद लुटेरी दुल्हन दूसरे ही दिन करीब छह लाख रुपए आभूषण लेकर फरार हो गई। यह पहला मामला नहीं है। जिले में हर माह पांच से सात केस इस तरह के हो रहे हैं। हालांकि बदनामी के डर से एक-दो केस ही थाने तक पहुंचते हैं।
पुलिस के अनुसार आजऊ निवासी सोहनलाल ने दर्ज कराए मामले में बताया है कि करीब 20 दिन पहले राजन सिंह पुत्र रामसिंह जाट निवासी झारकई तहसीलद नदबई एवं सौरभ पुत्र हरिराम निवासी पचौरा थाना कुम्हेर से बेटे आतेंद्र की शादी की बात की। उन दोनों के अलावा परिजनों व भाई तेज सिंह को लेकर लडक़ी वालों के घर बांके गांव तहसील कादीपुर जिला सुल्तानपुर उत्तरप्रदेश पहुंचे। जहां लडक़ी वालों ने बातचीत कर 17 फरवरी 2024 को शादी कराने की बात तय की। बेटे, भाई व अन्य के साथ लडक़ी वाले ईश्वरीसिंह के यहां पहुंचे। जहां उसी दिन वरमाला के जरिये शादी हुई। राजन सिंह, सौरभ, ईश्वरीप्रसाद व लडक़ी के पिता को एक लाख रुपए दिए। 19 फरवरी को देवी-देवताओं की रस्में पूजा को पहनावे को एक हार 20 ग्राम, लड़ 15 ग्राम, तीन अंगूठी 12 ग्राम, टॉप्स चार ग्राम, चार चूड़ी 30 ग्राम, एक मंगलसूत्र चार ग्राम व चांदी के आभूषण, एक जोड़ी तोडिय़ा, एक कमर कौंधनी 400 ग्राम आदि के आभूषण दे दिए। 20 फरवरी को पूजा सभी परिजनों को खाने व दूध में नींद की गोलियां खिलाकर सभी आभूषणों को लेकर चोरी कर फरार हो गई।
डेढ़ महीने पहले ही पकड़ी जा चुकी लुटेरी दुल्हन
27 दिसंबर को उत्तरप्रदेश के चंदौली कोतवाली थाने में मई तहसील नदबई थाना लखनपुर के निवासी संजय सिंह ने लुटेरी दुल्हन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि वह 29 लोगों से अब तक शादी कर चुकी थी।
अकेले भरतपुर शहर मेें तीन महीने में छह मामले
अकेले भरतपुर शहर में ही अगर ऐसे मामलों पर नजर डालें तो छह मामले सामने आ चुके हैं। इसमें शादी के दूसरे ही दिन दुल्हन माल बटोर भाग गई। हालांकि थाने तक सिर्फ दो ही मामले पहुंचे। बाकी मामलों में पीडि़तों ने बदनामी से डर से मुकदमा दर्ज कराना उचित नहीं समझा।
जिले में गिरोह सक्रिय, फैलाया नेटवर्क
फर्जी शादी कर लुटेरी दुल्हन की गैंग अब जिले में लंबे समय से सक्रिय है, लेकिन पुलिस आरोपियों के उत्तरप्रदेश का होने के कारण उन तक पहुंचने में नाकाम रहती है। क्योंकि उनका नेटवर्क बहुत बड़ा होता है। वह वारदात के बाद आसानी से फरार हो जाते हैं। नाम, गांव व पता तक फर्जी होता है। करीब दो साल पूर्व बयाना के एक केस में भी सामने आया था कि आगरा में वैश्यावृति के कारोबार से जुड़ी युवतियों को दो-दो हजार रुपए रोज के हिसाब देकर गैंग को ऑपरेट किया जा रहा था।
इनका कहना है
-मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी महिला व उसके परिजन उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। एक लाख रुपए शादी कराने की बात एफआइआर में कही गई है। जल्द घटना की जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
आशुतोष सिंह
एसएचओ, कुम्हेर