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Bharatpur Crime : नाबालिग को बेटी बताकर पेश किए झूठे दस्तावेज, पुलिस का दिमाग ठनका, महिला को किया गिरफ्तार

Bharatpur Crime : भरतपुर में नाबालिग को बेटी बताकर झूठे दस्तावेजों के आधार पर अपने साथ ले जाने की कोशिश करने वाली महिला को सेवर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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Bharatpur Crime False documents presented minor daughter shocking police woman arrest

Bharatpur Crime : सेवर थाना पुलिस। फाइल फोटो पत्रिका

Bharatpur Crime : भरतपुर के नारी निकेतन में रह रही एक नाबालिग को अपनी बेटी बताकर झूठे दस्तावेजों के आधार पर अपने साथ ले जाने की कोशिश करने वाली महिला को सेवर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस को मानव तस्करी, देह व्यापार और कथित 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह के नेटवर्क से जुड़े गंभीर सुराग मिले है। पुलिस के अनुसार भरतपुर के जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अमित कुमार ने 23 दिसंबर 2025 को सेवर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

रिपोर्ट में आरोप लगाया कि झारखंड निवासी चिंता देवी और अन्य लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर नारी निकेतन से नाबालिग लड़की को प्राप्त करने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले में विभिन्न धाराओं के साथ पोक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। थानाधिकारी सतीशचंद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच के बाद आरोपी चिंता देवी (35 वर्ष) पत्नी बबलू निवासी इंडिया थाना भरनो जिला गुमला झारखंड को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल है।

आखिर क्या है पूरा मामला?

बाल कल्याण समिति की जांच के अनुसार उत्तर प्रदेश की एक नाबालिग फरवरी 2025 में घर छोड़कर दिल्ली पहुंची थी। वहां एक व्यक्ति उसे अपने साथ ले गया और बाद में जम्मू भेज दिया। आरोप है कि जम्मू में उससे घरेलू काम कराने के साथ देह व्यापार भी कराया गया। किसी तरह वहां से निकलकर वह दोबारा दिल्ली पहुंची। दिल्ली में उसकी मुलाकात एक युवक से हुई, जो उसे मथुरा ले गया। नाबालिग के अनुसार युवक उसे नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार करता था और कमरे में बंद रखता था।

इसी दौरान एक महिला से उसका संपर्क हुआ, जिसने बाद में उसे दूसरी महिला के हवाले कर दिया। जांच में महिला नाबालिग को भरतपुर के खेड़ली मोड़ क्षेत्र में लेकर आई। यहां उसका नाम बदलकर नई पहचान दी गई और एक युवक से शादी कराई गई। आरोप है कि योजना के तहत कुछ दिन ससुराल में रहने के बाद गहने और सामान लेकर लौट आने के लिए कहा गया। बाद में गिरोह ने परिवार को नाबालिग से शादी करने के नाम पर डराकर कथित रूप से धन उगाही भी की।

मामला तब सामने आया जब एक महिला नारी निकेतन पहुंची और नाबालिग को अपनी बेटी बताकर उसे साथ ले जाने का प्रयास किया। उसने आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी पेश किए, लेकिन बाल कल्याण समिति को दस्तावेजों पर संदेह हुआ। सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में खुलासा लड़की को अपनी बेटी बताया जा रहा था, वह लड़की कोई और थी और अपने वास्तविक माता-पिता के साथ रह रही थी।