भीलवाड़ा।
heavy rain in rajasthan स्वाधीनता दिवस एवं रक्षाबंधन के एक साथ होने और सावन की विदाई पर मेघ भी खुशी में झूम उठे। जिले में पिछले दो दिनों से मेघ मल्हार से जिला तरबतर हो गया। लगातार बारिश गांवों में आफत बन गई। खेत जलमग्न हो गए और घरों में पानी घुस गया। गोवटा मेला मैदान डूब गया। यहांं 11 फीट की चादर चली।
heavy rain जिले में 48 घंटे में सर्वाधिक कोटड़ी में ग्यारह और मांडलगढ़ में साढ़े दस इंच बारिश हुई। दो दिनों से लगातार बारिश से भीलवाड़ा शहर की सड़कें जलमग्न हो गई। शास्त्रीनगर का नाला ओवरफ्लो होने से घरों में पानी घुस आया। पथिकनगर व बापूनगर समेत कई कॉलोनियों में पानी घरों में घुसने से बुरा हाल था। मानसरोवर झील, गांधीसागर तालाब, नेहरू तलाई के पानी ने क्षेत्र के लोगों की चिंता दिनभर बढ़ाए रखी।
heavy rain in bhilwaraजिले में करीब एक दर्जन कच्चे मकान ढह गए और कई लोगों को चोटें भी आई। खेतों में पानी भरने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। गुलाबपुरा में खारी नदी भी एक दशक बाद उफान पर रही। कई गांवों के तालाब भी टूट गए। त्रिवेणी नदी में सात मीटर बहाव होने से संगम के मंदिर जलमग्न हो गए। भारी बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई जलाशयों में गल्ला लगने से प्रशासन के साथ ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है।