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भीलवाड़ा

राजेन्द्र मार्ग स्कूल, जहां सोलर से होती पढ़ाई

Rajendra Marg School, where solar studies take place भीलवाड़ा शहर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेन्द्र मार्ग ने शैक्षणिक क्षेत्र में नवाचारों बाद सोलर प्लांट लगाया है। प्रदेश का पहला ऐसा सरकारी शिक्षण संस्थान है जो पूर्णत सौर ऊर्जा से रोशन है।

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नरेन्द्र वर्मा की रिपोर्ट…भीलवाड़ा। शहर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेन्द्र मार्ग ने शैक्षणिक क्षेत्र में नवाचारों बाद सोलर प्लांट लगाया है। प्रदेश का पहला ऐसा सरकारी शिक्षण संस्थान है जो पूर्णत सौर ऊर्जा से रोशन है।

प्रदेश एवं जिले में सोलर ऊर्जा के प्रति सरकार के साथ ही संबंधित विभाग विभिन्न वर्गों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेन्द्र मार्ग ने प्रदेश का सबसे बड़ा यानि अठारह किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया है। इसके जरिए पूरे 54 कक्ष रोशन हो रहे हैं। एकडेमिक ब्लॉक, लैब, पुस्तकालय, सभागार आदि प्रमुख स्थल भी सोलर प्लांट से संचालित है।


प्रति माह बिल 77 हजार तक
यहां साठ से सत्तर हजार रुपए मासिक बिजली का बिल आ रहा था। इसे देखते प्रधानाचार्य श्यामलाल खटीक ने पूरे स्कूल परिसर को सोलर ऊर्जा से संचालित करने एवं बिजली के बिल में कटौती की योजना तैयार की। जन सहयोग एवं भामाशाहों की मदद से करीब साढ़े सात लाख की लागत से 18 किलोवाट का प्लांट स्कूल में लगाया।

बचत कर बेच सकेंगे बिजली

राजेन्द्र मार्ग स्कूल रखरखाव व प्रबंधन शिक्षा जगत में मॉडल है। विद्यालय भवन में कुल 54 कक्ष हैं। इसी 12 मार्च को यहां सौर ऊर्जा प्लांट ने कार्य शुरू कर दिया है। पूरा परिसर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहा है। सोलर से उत्पादित बिजली की बचत भी होगी। इससे विद्यालय का बिजली का खर्चा जीरो पर आ जाएगा। डिस्कॉम यह बिजली खरीद सकेगा। भामाशाह के सहयोग से यह कदम उठाया गया है।
श्यामलाल खटीक, प्रधानाचार्य