भोपालः राजधानी में कंस की मानवीय संवेदनाओं पर केंद्रित नाटक ‘कथा एक कंस की’ का मंचन भारत भवन में हुआ। कंस को लोग निरंकुश शासक के रूप में जानते हैं, लेकिन उसके कविरूप, संगीत प्रेम और कोमल हृदय से लोग अंजान हैं। कंस के इन्हीं पक्षों को जब दर्शकों के सामने नाट्य कलाकारों ने पेश किया तो दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं नाटक में कलाकारों ने वीणा से लगाव रखने वाले कोमल बालक के क्रूर बनने की दास्तां को बयां किया। कंस की क्रूरता दुनिया में इतनी मशहूर है कि लोग उसे राक्षस के नाम से जानते हैं, जबकि कंस एक प्रेमी और कवि भी था। नाटक के निर्देशक अरविंद सिंह ने बताया कि नाटक में हमने सिर्फ कंस के उस पहलू को दिखाने की कोशिश की है जिसे दुनिया ने नहीं देखा। स्पष्ट खबर के बारे में जानने के लिए देखें वीडियो