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बीकानेर

video: सर्दी में लुभा रहे सस्ते ब्रांडेड ऊनी कपड़े

'साला मैं तो साहब बन गया, साहब बनके कैसा तन गया, ये सूट मेरा देखो' फिल्मी गीत के बोल सी अकड दिखाने का मौसम आ गया है।

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बीकानेर. ‘साला मैं तो साहब बन गया, साहब बनके कैसा तन गया, ये सूट मेरा देखो’ फिल्मी गीत के बोल सी अकड दिखाने का मौसम आ गया है। हर कोई ब्रांडेड सूट सस्ते में पहनकर चल सकता है। इसकी वजह यह है कि ब्रांडेड कंपनी के जो जैकेट, कोट, लोअर, स्वेटर बड़े शोरूम में हजारों रुपए में मिलते हैं, वे इन दिनों स्थाई व अस्थाई दुकानों, ठेलों पर आमजन को किलो के भाव मिल रहे हैं।

 

भले ही ये वस्त्र चमचमाते
नहीं होंगे, पैकिंग में नहीं होंगे, लेकिन इनकी क्वालिटी कतई कम नहीं है। मामूली से खामी वाले ये इंटरनेशनल स्तर के ब्रांडेड कपड़े इन दिनों लोगों को लुभा रहे हैं।

 

शहर में यूं तो कई स्थानों पर इस तरह के ब्रांडेड ऊनी वस्त्र मिल रहे हैं, लेकिन मुख्य डाकघर रोड पर पांच सौ रुपए किलो के भाव बिक रहे हैं। इसके अलावा रतन बिहारी पार्क, डीआरएम ऑफिस के सामने रोड, अलख सागर रोड सहित विभिन्न स्थनों पर अस्थाई व स्थायी दुकानों पर इस तरह के विदेशी कोट, जैकेट व अन्य वस्त्र 250 से 500 रुपए तक में मिल रहे हैं।

 

होती है कुछ खामी
बताया जाता है कि विदेशों में ब्रांडेड कंपनी के इस तरह के वस्त्रों में उत्पादन दौरान ही कुछ खामी रह जाती है। ये खामी उसकी फिटिंग, सिलाई से संबंधित भी हो सकती है। इसलिए इन वस्त्रों को कंपनियां सस्ते दामों में बेच देती हैं।