बीकानेर में दिवाली पर नए साल की शुरुआत होती है। व्यापारी अपने पुराने खातों को बंद कर नए खाते खोलते हैं। इनकी लिखा-पढ़ी बहीखातों में होती है। कम्प्यूटर का जमाना आने पर बहीखातों की मांग भले ही कम हो गई हो, लेकिन दीपावाली पर उनके पूजन और नए खाते लिखने की परम्परा अब भी कायम है। इसी के चलते फड़ बाजार में पुराने समय से बहीखाते बनाने वाले व्यापारी आज भी बहीखाते तैयार करते हैं। ऐसे ही एक प्रतिष्ठान बहीखाते की सिलाई करता व्यक्ति।