
बीकानेर . महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के रेगिस्तानी रणक्षेत्र में शनिवार को पचास टन वजनी टैंकों ने गोले दागे। सप्त शक्ति कमांड के सैनिकों के रेतीले धोरों में टैंकों को दौड़ाने और गोले दागने से थार थर्रा उठा। युद्धाभ्यास विजय प्रहार के तहत आधुनिक हथियारों, हेलीकॉप्टरों और निगरानी उपकरणों की क्षमताओं को परखने के बाद अब दुश्मन को टैंकों की ताकत दिखाई जा रही है।
युद्धाभ्यास में टैंकों के शक्ति प्रदर्शन का अद्भुत नजारा देखने को मिला। चारों तरफ फैले जंगी टैंक कमांडर से संकेत पाते ही लक्ष्य की तरफ बिजली की गति से बढ़े। कुछ ही क्षण में सभी टैंक लक्ष्य के पास पहुंचे और एक साथ दुश्मन पर गोले दागने शुरू कर दिए। दुश्मन पर निर्णायक पंच के बाद जब तक दुश्मन भय से बाहर निकल पाता सभी टैंक फिर फैल गए। इस तरह एक के बाद एक हमले से दुश्मन को नेस्नाबूत कर दिया। अभ्यास के दौरान पानी से भरी नहर, ऊंचे रतीले टीलों और गहरे गड्ढ़ों में बिना रूके टैंक आगे बढ़ गए।
सीमेंट निर्माण को रूई के जैसे उड़ाने में सक्षम
भारतीय सैना के पचास टन वजन के फौलादी टैंक शोर के साथ फायर करने और धमाके की तेज आवाज करते है। इससे दुश्मन के मनोबल पर भी गहरा प्रहार होता है। अभ्यास में दिखा कि टैंक के विस्फोटक सीमेंट के निर्माण को भी रूई तरह उड़ाने में सक्षम है। इतनी तेज रफ्तार से दौड़ते ही कि कई किलोमीटर दूर दुश्मन के सामने अचानक प्रगट होते है और दुश्मन के ठिकानों को बर्बाद कर तेज गति से दूर चले जाते है।