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जिले में हाइपरटेंशन के 27 हजार से अधिक मरीज, अनियमित लाइफ स्टाइल मुख्य वजह
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जिले में हाइपरटेंशन के 27 हजार से अधिक मरीज, अनियमित लाइफ स्टाइल मुख्य वजह

बिलासपुर. हाइपरटेंशन या उच्च रक्तचाप आजकल एक आम लेकिन घातक स्वास्थ्य समस्या बन कर उभरी है। जिसका मुख्य कारण आधुनिक जीवनशैली और तनाव है। जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों से प्राप्त रिपोर्ट अनुसार वर्तमान में उच्चरक्तचाप से ग्रसित 27 हजार से अधिक मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हॉट बाजार क्लीनिक के माध्यम से पिछले वर्ष 170851 लोंगों की जांच की गई थी, जिसमें से 13404 उच्चरक्तचाप के मरीज पाए गए।

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एनसीडी विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. बीके वैष्णव के अनुसार जांच सेवा स्वास्थ्य केन्द्रों में इलाज की व्यवस्थाए उपलब्ध हैं। विश्व उच्चरक्तचाप दिवस के अवसर पर जिले के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों में नि:शुल्क जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन होगा। डॉक्टरों के मुताबिक शरीर में रक्त का दबाव 120/80 एमएमएचजी से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि रक्त का दबाव या प्रवाह इस निश्चित सीमा को पार कर जाता है तो ऐसे में शरीर में उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन की स्थिति पैदा हो जाती है। इस बीमारी के होने का मुख्य कारण दिमागी तनाव, चिंता, गुस्सा और ज्यादा नमक लेने के कारण होता है। मोटापा, व्यायाम न करना, कोलेस्ट्रॉल बढऩा और एड्रिनल ग्रंथि के ट्यूमर भी हाई बीपी के कारक बन सकते हैं।

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0 हाइपरटेंशन के इलाज में एलोपैथी, आयुर्वेद और होमियोपैथी मुख्य पद्धतियां हैं।।
0. ऐलोपैथी एक प्रमुख चिकित्सा पद्धति है, जिसमें उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए दवाइयों का प्रयोग किया जाता है। ऐलोपैथिक दवाओं में अधिकांशत: रक्तचाप को नियंत्रित करने और कम करने के लिए एंटीहाइपरटेंशन दवाएं शामिल होती हैं।
0. आयुर्वेदिक चिकित्सा में इसके इलाज के लिए मुख्य रूप से प्राकृतिक औषधियों, जैसे कि अश्वगंधा, ब्राह्मी, जटामांसी, गुग्गुल, अर्जुन और त्रिफला का उपयोग किया जाता है।
0. होम्योपैथिक डॉक्टर रोगी के लक्षणों और उसे समस्या होने के खतरे व संभावनाओं के आधार दवाओं का चुनाव करते है।हाई ब्लड प्रेशर को ठीक करने के लिए सामान्य रूप से प्रयोग की जाने वाली होम्योपैथिक दवाएं, बेरिएटा म्यूरिएटिकम, ग्लोनॉइन, औरम मेटालिकम, विस्कोम एल्बम, काटीगस, लैकेसिस इत्यादि शामिल है।

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लाइफ स्टाइल मॉडिफिकेशन
मौजूदा समय में हाइपरटेंशन के इलाज के लिए विभिन्न तरह के द्वै और पद्धतिया उपलब्ध है। सभी पद्धतियों से इलाज में जो सबसे कॉमन बात निकल कर सामने आती है वो है है लाइफ स्टाइल मॉडिफिकेशन। होमियोपैथ, आयुर्वेद और एलोपैथ सभी डॉक्टरों ने पत्रिका की टीम से यह बात साझा कि के अगर आप हेअल्थी फ़ूड खाए और रसीसे करे तो हाइपरटेंशन होने की सम्भावना कम हो जाती है।
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युवा भी आ रहे चपेट में
मौजूदा समय में खानपान में इर्रेगुलरिटी, सिगेरट-शराब का अधिक सेवन के चलते युवा भी तेजी से इसके चपेट में आते जा रहे है। आज हाई बीपी के जो मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, उसमे 25 से 30 प्रतिशत वर्किंग क्लास युवा है।