फसल बचने की उम्मीद नहीं रही तो फसलों पर किसानों ने चलाए ट्रैक्टर-video
– बरसात के अभाव में सुखी उड़द व सोयाबीन की फसलें
– बरसात के बेरुखी से किसानों पर आई आफत
नैनवां. बरसात के अभाव में फसलें सूखने लग गई। किसानों ने खेतों में सूखती जा रही फसलों के बचने की उम्मीद छोडकऱ उड़द व सोयाबीन को फसलों को चारे के लिए काम में लेने के लिए फसलों पर ट्रैक्टर चलाकर हांकने लगे। अगली फसल की बुवाई के लिए खेतों को खाली करने लगे है। कृषि विभाग ने भी माना है कि एक माह से बरसात नहीं होने से फसलों की ग्रोथ ठहर जाने से फलाव नहीं आ पा रहा। जिससे किसान चिंतित है। फसलों को चारे के लिए काम में लेने के लिए ऐसा करने लगे है। पहले कीटनाशक का छिडक़ाव कर सेमीलूपर व गर्डलबिटल लट के प्रकोप से फसलों को बचाया तो अब बरसात के अभाव में फसलें सूखती जा रही है।
नैनवां उपखण्ड में खरीफ की फसल में उड़द व सोयाबीन ही प्रमुख फसल है। इस वर्ष दो श्रावण मास होने से किसानों को अच्छी बरसात की उम्मीद थी। दोनों श्रावण मास सूखे निकल जाने से खेतों में खड़ी उड़द व सोयाबीन की फसलें सूखती जा रही है। दोनों ही फसलें चौपट हो जाने से ट्रैक्टरों से फसलों को हांककर खेत खाली करने लग गए। उपखण्ड के गुढ़ादेवजी गांव में बारिश नहीं होने के कारण किसानों ने खेतों में सुखी उड़द और सोयाबीन पर ट्रैक्टर चलाकर खेत खाली करना शुरु कर दिया।
किसानों की जुबानी…
गुढ़ादेवजी के किसानों सत्यनारायण धाकड़, चांदमल बहरवाल, बजरंगलाल धाकड़, भंवरलाल, रामसहाय, पप्पुलाल, हनुमान, प्रभूलाल, रामभज, जन्सीलाल, महावीर ने बताया कि बरसात नहीं होने से सूखी फसलों के अब बचने की कोई उम्मीद नहीं रहने से ट्रैक्टर चलाने पड़ रहे है।
कृषि अधिकारी का कहना
सहायक कृषि अधिकारी नरेंद्रकुमार जैन का कहना है कि एक माह से बरसात नहीं होने से खरीफ की फसलों की ग्रोथ ठहर जाने से फलाव पूरा नहीं आ रहा। जिससे पैदावार प्रभावित होगी।