video: बैंक के अंदर से महिला के पचास हजार लेकर भागे युवक, सीसी टीवी कैमरे में हुए कैद
नैनवां. शहर के गढचौक में स्थित एसबीआई बैंक भवन के अंदर से दो युवक एक महिला नैनवां के वार्ड चार निवासी सेवानिवृत एएनएम सीता देवी गौड के पचास हजार रुपए लेकर भाग गए। वारदात करने आए युवक बैंक में लगे सीसी टीवी कैमरे में कैद हो गए है।
महिला ने बैंक से एक लाख रुपए निकलवाए थे। बैंक के अंदर ही बेंच पर बैठकर बैंक से निकलवाए रुपए गिन रही थी तो उसी समय रुपए लेकर भागे दो युवकों में से एक युवक उसके पास बेंच पर आकर बैठ गया। युवक ने महिला से पांच सौ रुपए के नोटों की गड्डी को महिला के बेग में रखने को कहा।
महिला का ध्यान बाकी के पचास हजार रुपए गिनने में ध्यान था उसी बीच उसके पास बैठे युवक ने पचास हजार की गड्डी पार कर बेंच से उठकर बैंक से बाहर निकल गया। युवक के जाते ही महिला ने बेग में रखी पचास हजार की गड्डी सम्भाली तो नहीं मिली तो चिल्लाने लगी लेकिन तब तक दोनों युवक बाइक पर बैठकर भाग चुके थे। लोगों ने युवकों की तलाश के लिए पीछा भी किया लेकिन हाथ नही आए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने सभी मार्गों पर नाकाबंदी करवाकर थानाधिकारी सुभाषचंद्र शर्मा, एएसआई लादूसिंह, ड्यूटी ऑफिसर मोहनलाल मीणा बैंक पहुंचे। बैंक में लगे सीसी कैमरों को खंगाला तो वारदात करने वाले दोनों युवक कैमरे में नजर आ रहे थे। जिनके हुलिए के फुटेज लेकर अन्य थानों को भेजकर युवकों की पहचान के प्रयास शुरू कर दिए।
थानाधिकारी सुभाषचंद्र शर्मा ने बताया कि करीब सवा तीन बजे फोन पर घटना की सूचना मिली थी। महिला सीताबाई गौड़ ने बैंक से 1लाख रुपए निकाले और बैंक के अंदर कूर्सी पर बैठकर रुपए गिनने लगी तो एक युवक जिसकी उम्र करीब 25 से 30 साल थी महिला के पास आकर बैठा जिसने महिला को रुपए बैग में रखने के लिए कहा बैग में डालकर चैन लगा दी उठ कर चला गया। सीताबाई ने बैग में रुपए संभाले तो पचास हजार की गड्डी नहीं थी अज्ञात व्यक्ति 50000 रुपए चुरा कर ले गया। उसके साथ एक युवक और था।
युवकों का हुलिया
थानाधिकारी ने बताया कि सीसी कैमरे में कैद फुटेज में युवक ने नीले रंग की कमीज व पेंट काली सिर पर केप पहन रखी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दूसरे युवक ने भी सिर पर केप लगा रखी है तथा सफेद शर्ट काली पैंट तथा पीठ पर बैग टांग रखा था। महिला सीताबाई की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया।
सुरक्षा गार्ड नही
बैंक में पहले सुरक्षा गार्ड तैनात था। तीन दिन पहले ही सुरक्षा गार्ड को रिलीव कर दिए जाने से बैंक में तीन दिन से सुरक्षा गार्ड नहीं है।