video: सहकारी चीनी मिल का नेशनल शुगर फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों की टीम ने किया निरीक्षण
केशवरायपाटन. नेशनल शुगर फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों की टीम ने बुधवार को बंद पडी सहकारी चीनी मिल का निरीक्षण किया। नेशनल शुगर फेडरेशन आफ इंडिया के विशेषज्ञ वाईके डाली और मुरलीधरन ने यहां पहुंच कर मिल का निरीक्षण किया।
इस दौरान किसान समन्वय संघर्ष समिति के सदस्य भी साथ रहे। निरीक्षण के बाद जब नेशनल शुगर फेडरेशन के विशेषज्ञों से मिल चलने की संभावनाओं के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि इस चीनी मिल में तीन दशक पुरानी मशीनरी है। जिससे मिल को चलाना संभव नही है। इसके लिए नई तकनीक और चीनी उत्पादन की क्षमता बढानी होगी, और इसके लिए 30 लाख करोड़ की अनुमानित पूंजी चाहिए। मिल के साथ एथेनॉल और एल्कोहोल प्लांट भी लगाना होगा।
नेशनल शुगर फेडरेशन की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार के ऊपर निर्भर करता है की वो मिल चलाने में कितनी रुचि दिखाती है। पूंजी के लिए राज्य सरकार की जमानत आवश्यक है। किसान समिति के नेता दशरथ कुमार शर्मा ने कहा की हमने मिल को खुर्दबुर्द होने से बचाया है। फेडरेशन की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार से मिल चलाने के लिए बात करेंगे।
प्रतिनिधि मंडल में बिहार किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह टुण्डे, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मुरली मीणा, गिरिराज गौतम, हरिप्रसाद शर्मा, वेणी शंकर, रुपशंकर सुमन, नवीन शृंगी, जितेंद्र भूत्या, जगदीश वर्मा, रामभरोस गोस्वामी, सहित दो दर्जन से अधिक किसान साथ थे।