बूंदी. हिण्डोली उपखण्ड क्षेत्र के ग्राम गोठड़ा में करीब 65 साल पहले बना गोठड़ा बांध गुरुवार रात को भरभराकर फेसवाल टूटने से बांध को नुकसान हुआ है। रात्रि से ही जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे है। जिला कलक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने बांध पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लेकर जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। क्षतिग्रस्त होने के दाद बांध का पानी नहर से बेजान नदी में छोड़ा जा रहा है।
जानकारी अनुसार 1958 में गोठड़ा बांध का निर्माण पंचवर्षीय योजना के तहत करवाया गया था। बांध की कुल भराव क्षमता 25 फीट है। वर्तमान में बांध के पाल के ऊपर बने फुटपाथ को चौड़ा करने का कार्य चल रहा था। गुरुवार रात को करीब 8:30 बजे डेढ़ सौ से 200 फिट बांध की फेसवाल भरभरा कर टूट गई।
फेसवाल टूटने से जल संसाधन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर विभाग के आला अधिकारी एवं उपखण्ड अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। बांध को ज्यादा नुकसान नहीं हो इसके लिए आनन-फानन में जेसीबी की सहायता से बांध की नहर को खोल कर बांध का पानी बेजान नदी में डाला जा रहा है। बांध की फेसवाल टूटते समय बाद में करीब 12 फीट पानी शेष बचा हुआ था। बांध पूरा भरा होता तो काफी जनहानि होने की आशंका थी।
पाळ का कार्य कर रह था विभाग
जानकारी अनुसार गोठड़ा बांध की पाल के फुटपाथ की चौडाई बढाने का कार्य करवाया जा रहा था। जेसीबी की सहायता से बाहर से मिट्टी मंगवा कर फुटपाथ को चौड़ा कर रहे थे। इस दौरान ट्रैक्टर ट्रॉलियों की आवाजाही भी थी। साथ ही मिट्टी को दबाने का कार्य भी किया जा रहा था। जानकार सूत्रों ने बताया कि बांध की पाळ पक्की दीवार करीब डेढ़ से दो फीट बनी हुई है। उसके बाद मिट्टी का सहारा देकर पानी को रोका जा रहा था। ऐसे में दबाव बढ़ने के कारण फेसवाल दरक गई, जिससे बांध की फेसवाल टूट गई।
नहर से निकाला बांध का पानी
गोठड़ा बांध की फेसवाल टूटने के बाद जलसंसाधन विभाग द्वारा आनन फानन में नहर को खोल कर नहर को आगे से तोड़ कर पानी को डाइवर्ट कर बेजान नदी में पानी की निकासी की गई।
6000 हेक्टेयर में हो रही सिंचाई
गोठड़ा बांध से एक मुख्य नहर निकाली गई है, जिससे हिण्डोली एवं नैनवा क्षेत्र के 2 दर्जन से अधिक गांव की करीब 6000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। इनमें गोठड़ा, रोणिजा, छाबड़ियों का नया गांव, कुम्हरला बालाजी, नैनवां क्षेत्र के मरां, मुंडली,भण्डेडा, बांसी सहित कई गांवों की भूमि सिंचित होती है।इस बार बांध पूरा भर जाने से तीन बार नहर से पानी दिया गया है।
अधिकारियों ने लिया जायजा
गोठड़ा बांध फेसवाल टूटने के बाद सूचना मिलने पर गुरुवार रात्रि को ही जल संसाधन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। शुक्रवार दोपहर को जिला कलक्टर डॉ रविंद्र गोस्वामी, हिण्डोली उपखंड अधिकारी राहुल कुमार मल्होत्रा, तहसीलदार असगर अली, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता एडी अंसारी, अधिशासी अभियंता आरके पाटनी, सहायक अभियंता सुभाष गुर्जर, कनिष्ठ अभियंता बद्री विशाल सेन आदि ने मौका देखा। जिला कलक्टर ने चेतावनी बोर्ड लगवाने, बांध की मरम्मत का प्रस्ताव बनाने आदि के निर्देश जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दिए।
पांच साल पूर्व भेजे थे प्रस्ताव, राशि स्वीकृत नहीं हुई
जल संसाधन विभाग द्वारा गोठड़ा बांध की फेसवाल की मरम्मत करवाने सहित अन्य कार्यों के लिए करीब पांच साल पहले करीब बीस करोड़ रुपए के प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजे थे, लेकिन समय रहते राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा राशि स्वीकृत नहीं करने से बांध का कार्य नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार करीब एक दशक पूर्व बांध की फेसवाल की मरम्मत के लिए कुछ राशि स्वीकृत हुई थी, जिससे फेसवाल पर लैमिना लगाया गया था।
पत्रिका ने चेताया था
राजस्थान पत्रिका द्वारा समय-समय पर बांध की मरम्मत को लेकर खबरें प्रकाशित कर विभाग के उच्च अधिकारियों को चेताया था, लेकिन अधिकारियों के ध्यान नहीं देने के चलते ये हादसा हुआ है।
… बांध काफी पुराना है। कई बार विभाग द्वारा बांध की मरम्मत एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजे थे। बांध की फेसवाल टूटने से क्षतिग्रस्त हुआ है। पानी की निकासी करवा कर क्षतिग्रस्त बांध का मेजरमेंट करवाया जाएगा। उसके बाद ड्रीप अथवा अन्य योजना से राशि स्वीकृत करवा कर बांध की मरम्मत करवाई जाएगी।
आर के पाटनी,अधिशासी अभियंता जल संसाधन विभाग बूंदी।
… बांध की फेसवाल टूटने की जानकारी मिलने पर बांध का जायजा लिया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है। बांध की मरम्मत का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए है,जिन्हें राज्य सरकार को भेजेंगे।…
डॉ.रविंद्र गोस्वामी, जिला कलक्टर बूंदी।