सुवासा. तालेड़ा उपखंड के तीरथ गांव में फाइनेंस कंपनी द्वारा मकान को सील करने से आहत होकर 20 वर्षीय दिव्या पुत्री महेश मीणा ने विषाक्त पदार्थ खाने से शनिवार को मौत होने के मामले में रविवार को तूल पकड़ लिया। मुआवजे की मांग व फाइनेंस कंपनी वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर कोटा लालसोट मेगा हाइवे तीरथ गांव के पास आधा घंटे तक जाम लगा दिया। मामला बढ़ता देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा, केशवरायपाटन डिप्टी आशीष भार्गव, केशवरायपाटन थाना अधिकारी देवेश भारद्वाज एवं तीन थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों के समझाने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया, तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जानकारी अनुसार शनिवार को दोपहर एक बजे कोटा आवासीय फाइनेंस के कर्मचारी महेश मीणा सहित अन्य मकान को सील कर चले गए। उस समय मकान के अंदर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। शाम को दिव्या मीणा खेत से काम कर मकान पहुंची तो सीज किए जाने की जानकारी मिली, जिससे वह सदमे में आ गई। पीछे से उसने मकान में प्रवेश कर विषाक्त पदार्थ खा लिया, जैसी ही उसे उल्टिया होने लगी पड़ोसी उसे लेकर कोटा अस्पताल पहुंचे, जहां पर इलाज के दौरान 2 घंटे बाद उसकी मौत हो गई। दिव्या की मौत होने की सूचना गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों की भीड़ कोटा पहुंच गई। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस पहुंची तो ग्रामीण व परिजनों ने हंगामा कर नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख पुलिस अधिकारी कोटा पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मृतक के परिजनों ने फाइनेंस कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, मकान की चाबी देने और 20 लाख रुपए मुआवजा की राशि देने की मांग की। दो घंटे तक प्रशासन समझाइश की। मौके पर फाइनेंस कंपनी के द्वारा पुलिस को मकान की चाबी देने के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
सडक़ पर लेट गए
कोटा चिकित्सालय में शव को मोर्चरी से तीरथ गांव लाने की तैयारी चल रही थी, उसी समय ग्रामीणों व परिजनों ने कोटा मेगा हाइवे पर जाम लगा दिया। बाद में पुलिस की समझाइश के बाद जाम हटाए गया। दिव्या का शव गांव में पहुंचने पर परिजन में सडक़ पर लेट गए और फाइनेंस कंपनी वालों को गिरफ्तार करने और लोन का कर्जा माफ करने की मांग करने लगे। इस पर समझाइश करने के बाद ग्रामीदों ने रास्ता छोड़ा। शव का 18 घंटे बाद अंतिम संस्कार हुआ।
खेती व मजदूरी पर निर्भर है परिवार
मृतका दिव्या मीणा का परिवार खेती पर निर्भर है। पिता महेश खेती व मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे है। उनकी पत्नी ममता मीना की डेढ़ साल पहले लोन नहीं चुकाने से सदमे में मौत हो चुकी है। मृतका के परिवार में 20 वर्षीय पुत्र विजय मीणा पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई है, जो गांव में मजदूरी करता है।
कार्यवाही के लिए भेजेंगे
परिजनों व ग्रामीणों के द्वारा ज्ञापन दिया गया है। पूरे मामले को सरकार के पास कार्यवाही के लिए भेजा जाएगा और जितनी सहायता मिलेगी, वह दी जाएगी।
दीपक खटाना, उपखंड अधिकारी,केशवरायपाटन
कोटा अवासीय फाइनेंस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। महेश मीणा के द्वारा प्राइवेट फाइनेंस लोन लिया गया था, जिसकी महेश के द्वारा 17 किस्त चुका दी गई थी। डेढ़ साल से किस्त नहीं जा पा रही थी। मामला कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट के आदेश से ही कंपनी वाले मकान सीज किया गया था। परिजन की रिपोर्ट पर मामला दर्ज के लिए गया है आगे की कार्रवाई के पाटन थाना अधिकारी देवेश भारद्वाज करेंगे।
उमा शर्मा, अतिरिक्त पुलिस उप अधीक्षक, बूंदी