
नैनवां. चट्टानें फूलमालाओं के सहारे हवाओं में लटका रखी थी तो बाइक कांच के गिलासों पर ठहरा कर रखी थी। शहर में कंकाली माता परिसर में जन्माष्टमी पर कलाबाजियों को देखने के लिए बरसात की फुहारों भीगते हुए आधी रात तक शहर वासी उमड़े रहे।
कलाबाजों ने माताजी की गली में कई स्थानों पर इन कलाओं को प्रदर्शित कर रखा था। इस कलाबाजी को देखकर दर्शक रोमांचित वढ्ढ आश्चर्यचकित रह गए। एक स्थान पर बड़ी चट्टान तो तीन स्थानों पर पट्टियां फूलमालाओं के सहारे लटका रखी थी। दो स्थानों पर बाइक कांच के गिलासों पर ठहरा रखी थी। बरसात की फुहारों के बीच इन दृश्यों को देखने उमड़े लोगों से रात 12 बजे तक माताजी की गली अटी रही।
शहर में कृष्ण जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन रात 12 बजे चारभुजा मंदिर में हुआ। आयोजन को देखने के लिए श्रद्धालु उमड़े रहे। 12 बजे जैसी ही मंदिर में गर्भ गृह के पट खुले उसके साथ ही मंदिर प्रांगण भगवान कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। आरती के बाद धनिया से बनी पंजीरी व दही के चरणामृत का प्रसाद वितरित किया। शहर में विभिन्न स्थानों पर सजी झांकियों को देखने के लिए आधी रात तक लोग उमड़े रहे। आधी रात को कृष्ण प्राकट्य की रस्म के बाद श्रद्धालुओं ने उपवास खोला।